- Post by Admin on Wednesday, Jul 29, 2026
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भिलाईनगर: 25 जुलाई-24 जुलाई को निर्मल ज्ञान मंदिर,कबीर आश्रम नेहरू नगर भिलाई में लोक कला एवं साहित्यिक संस्था सिरजन द्वारा पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।इन पुस्तकों में ग्रामीण पृष्ठभूमि पर केंद्रित छत्तीसगढ़ी उपन्यास "बड़े दाऊजी"लेखक डॉ.डी.पी.देशमुख,"सोनहा माटी"डॉ.दीनदयाल साहू कृत एवं डॉ.गिरधर चंद्रा द्वारा लिखित दो हिंदी काव्य संग्रह "अंतर्मन का शब्द"व " भावों की अभिव्यक्ति" शामिल है।
कार्यक्रम के मुख्यअतिथि डॉ.संजय तिवारी,कुलपति हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग थे।अध्यक्षता शिक्षाविद वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य डॉ.महेशचंद शर्मा ने की।इस अवसर पर बतौर अति विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.परदेशीराम वर्मा, डॉ.दीनदयाल दिल्लीवार,प्रभारी प्राचार्य शास.महाविद्यालय बेलोदी जि.बालोद,वरिष्ठ साहित्यकार व समाजसेवी डॉ.वेदवती मंडावी,शिक्षाविद एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफ. डॉ.सुधीर शर्मा,एवं कबीर आश्रम ट्रस्टी अध्यक्ष आत्मा राम साहू उपस्थित थे।
कार्यक्रम का प्रारंभ आमंत्रित अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती,छत्तीसगढ़ महतारी एवं संत गुरु कबीर के तैल चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। प्रेमलता साहू व उनकी टीम द्वारा सरस्वती वंदना एवं राज गीत की प्रस्तुति दी गई।सिरजन प्रदेश अध्यक्ष डॉ.दीनदयाल साहू ने स्वागत भाषण दिया, तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों द्वारा सभी पुस्तकों का बारी-बारी से विमोचन किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ.संजय तिवारी ने लेखकों को बधाई देते हुए पुस्तकों की प्रासंगिकता एवं वर्तमान परिप्रेक्ष में उपयोगिता पर अपने उद्बोधन में कहा कि विमोचित सभी पुस्तकें पाठक वर्ग के साथ ही विश्वविद्यालयीन छात्रों के लिए, छत्तीसगढ़ी के पाठ्यक्रम के लिए उपयोगी एवं महत्वपूर्ण है।
दोनों उपन्यास में छत्तीसगढ़ की वास्विकता का प्रतिबिंब दिखता है वहीं यह माटी की सोंधी महक से संतृप्त है, दोनों काव्य संग्रह में कल्पना के साथ यथार्थ का चित्रण है।कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.महेश चंद शर्मा ने नवीन कृति के लेखकों को शुभकामनाएं देते हुए सभी पुस्तकें आम इंसान की मनोवृत्ति को समझने, समाज को नई दिशा देने व अपनी संस्कृति को जानने के लिए बहुमूल्य दस्तावेज है।
अन्य अतिथियों,व लेखकों ने भी अपने सारगर्भित बहुमूल्य विचार रखे। समारोह में डॉ.दीनदयाल साहू एवं डॉ. डी.पी.देशमुख के जन्मोत्सव पर पुष्पहार, शाल, श्रीफल से सम्मानित करते हुए उन्हें बधाईयां दी।आयोजन समिति द्वारा आमंत्रित अतिथियों का बुके, गमछा एवं स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में ब्रह्मदेव पटेल,बद्री प्रसाद पारकर, ईश्वरी वर्मा,संतोष पाटनवर,मोरध्वज चंद्राकर,घनश्याम देवांगन,दीनानाथ सिंगसार्वा,पीला राम वर्मा, विजेंद्र वर्मा,कुबेर देशमुख,डॉ.राजेन्द्र पाटकर, प्रदीप भट्टाचार्य डॉ.नौशाद सिद्दीकी,डी.एल.मौर्य,बलराम चंद्राकर,डी.के.निर्मल,डॉ.नीलकण्ठ देवांगन,भारत भूषण परगनिहा,पुष्पक राज देशमुख,शक्तिप्रद चक्रवर्ती,नीता देशमुख,झुनेश्वरी साहू,ललिता चंद्रा,अनामिका सिंगसार्वा, संगीता वर्मा,डॉ.अंजली जोशी,उषा कौशिक,अनिता वर्मा,निर्मला देशमुख,गीतांजलि साहू,गीता देशमुख, दिलेश्वरी साहू,अरुणा जैन व बड़ी संख्या में साहित्यकार,कलाकार एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदीप पारकर,रितेश साहू,संतराम साहू,परमानंद वर्मा आदि का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षाविद एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ.दुलारी चंद्राकर ने एवं आभार प्रदर्शन सिरजन जिला दुर्ग लालजी साहू ने किया।
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