छत्तीसगढ़
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके भीतर अपनी मातृभूमि और गांव की मिट्टी के प्रति गहरा लगाव बना हुआ है। वे मानते हैं कि जिस धरती ने उन्हें जन्म दिया, उसी के विकास और लोगों की सेवा करना उनका कर्तव्य है।
रायपुर के वृंदावन हॉल में नवसृजन मंच द्वारा आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में प्रदेश के 22 जिलों से प्राप्त प्रविष्टियों में से मेघा तिवारी का चयन विशेष बच्चों के लिए किए गए उनके उत्कृष्ट एवं समर्पित कार्यों के आधार पर किया गया।
केंद्र शासन की महत्वाकांक्षी योजना “एक स्टेशन एक उत्पाद” के अंतर्गत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर स्टॉल में इन बैगों की खास प्रदर्शनी की गई है। यहां से गुजरने वाले यात्री न केवल इन बैगों को देख रहे हैं बल्कि बड़ी संख्या में खरीद भी रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि ये बैग पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बेहद आकर्षक और मजबूत भी हैं।
माँ का सपना हमेशा अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा होता है। जब किसी योजना से एक माँ को अपने बच्चे के सपनों को संवारने की ताकत मिलती है, तब वह योजना समाज में बदलाव की मिसाल बन जाती है। महतारी वंदन योजना ने ऐसी ही एक माँ के जीवन में उम्मीद, आत्मविश्वास और भविष्य की नई राह दिखाई है।
स्पीच थैरेपी विशेषज्ञ एवं स्पेशल एजुकेटर रजनी राठी को समाजसेवा और विशेष बच्चों के विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो अलग-अलग कार्यक्रमों में सम्मानित किया गया।