खेल
महज दो महीने के अभ्यास में अनुभवी तीरंदाजी प्रशिक्षक हीरु साहू के मार्गदर्शन में अर्पिता ने ऐसी सफलता हासिल की, जिसने पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया
अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक रिकर्व एवं कंपाउंड जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपकरणों से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। तीरंदाजी केवल एक खेल नहीं बल्कि एक ऐसी विधा है जो एकाग्रता, अनुशासन, आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का विकास करती है। यही गुण जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का आधार बनते हैं।
चयनित प्रतिभाओं को तीरंदाजी की तकनीकी बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। आयोजकों का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों का चयन करना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की मजबूत नींव तैयार करना है।
गुरिंदरवीर और अनिमेष जैसे तेज धावकों के प्रदर्शन ने भारत की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। माना जा रहा है कि आगामी राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में भारतीय एथलीट पदक जीतने की मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं।
राजनांदगांव की युवा वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है