विविधा
यह कार्यक्रम लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन तथा साहित्य प्रकोष्ठ साहू मित्र सभा के संयुक्त तत्वावधान में साहू मित्र सभा सभागार में शुक्रवार 13 तारीख को संध्या 4 बजे आयोजित की जाएगी।
जब एक रचनाकार अपने अनुभवों, भावनाओं और सपनों को कागज़ पर उतारता है, तो वह केवल पुस्तक नहीं, बल्कि पाठकों के लिए एक प्रेरक यात्रा रचता है
दिमाग पढ़ने वाली यह नई चिप टेक्नोलॉजी इंसान और मशीन के रिश्ते को पूरी तरह बदल सकती है. अभी यह शुरुआती दौर में है, लेकिन जिस तरह से Artificial Intelligence और Machine Learning इसमें जुड़ रही है, वह दिन दूर नहीं जब हम बिना बोले, बिना लिखे सिर्फ सोचकर बातचीत कर पाएंगे.
बाबा गुरु घासीदास जी ने जंगलों, खेतों और साधारण जीवन के बीच उन्होंने सत्य, अहिंसा और समानता को व्यवहार में उतारा। उनके लिए धर्म का अर्थ पूजा नहीं, बल्कि इंसान को इंसान समझना था।
देश–विदेश से आए कथाकारों, उपन्यासकारों और शोधार्थियों के बीच इस तीन दिवसीय महोत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला भिलाई नगर निवासी वरिष्ठ साहित्यकार और संपादक दीनदयाल साहू को