विविधा
शिविर में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपने जीवन में नई ऊर्जा का अनुभव किया। छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे।
नेहरू नगर स्थित निर्मल ज्ञान मंदिर, कबीर आश्रम में आगामी 30 सितम्बर से 4 अक्टूबर 2026 तक पाँच दिवसीय ध्यान-साधना शिविर का आयोजन किया जाएगा
हे मानव तू अपना भूख शांत कर पर मुझे जान से मत मार ! मुझे भी दर्द होता है मुझमें भी जान बसती है ...
गांव की गलियों में बच्चे भीगते हुए दौड़ लगाते हैं, कागज की नावें बनाकर नालियों में तैराते हैं। पेड़ों की डालियों पर झूले पड़ जाते हैं और युवतियां "सावन के झूले" गाते हुए झूला झूलती हैं।
खुमान साव संगीत अकादमी (राष्ट्रपति पुरस्कृत ) के संस्थापक लोक कलाकार गोविंद साव पिछले कई वर्षों से इस सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने में जुटे हैं। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा कड़ी साधना और अनुशासन में समर्पित किया, ताकि छत्तीसगढ़ की लोक संगीत परंपरा नई पीढ़ी तक पहुंच सके।