विविधा
मो. आसिफ हुसैन, राजेंद्र कुमार, तोषिता असाटी, मधुश्मिता पॉल और एक्कलक नू नगियोन ने जैसे ही अपनी प्रस्तुतियाँ शुरू कीं, हर नजर उन पर टिक गई। उनके हर भाव, हर सुर और हर कदम में भारतीय संस्कृति की गहराई झलक रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे भारत की आत्मा स्वयं उस मंच पर जीवंत हो उठी हो।
विमतारा सभागार रायपुर में सरस्वती बुक्स व श्रीसाईनाथ फाउंडेशन के द्वारा आयोजित सरस्वती साहित्य सम्मान समारोह में डॉ. शुभा मिश्रा और गजेंद्र कुमार साहू को सरस्वती साहित्य नव लेखक सम्मान से सम्मानित किया गया
उपन्यास में अंत तक यह जिज्ञासा बनी रही कि क्या जयमती आखिर तक सत्य के लिए लड़ेगी या परिस्थितियों से समझौता कर सिस्टम का हिस्सा बन जाएगी।
यह कार्यक्रम लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन तथा साहित्य प्रकोष्ठ साहू मित्र सभा के संयुक्त तत्वावधान में साहू मित्र सभा सभागार में शुक्रवार 13 तारीख को संध्या 4 बजे आयोजित की जाएगी।
जब एक रचनाकार अपने अनुभवों, भावनाओं और सपनों को कागज़ पर उतारता है, तो वह केवल पुस्तक नहीं, बल्कि पाठकों के लिए एक प्रेरक यात्रा रचता है