- Post by Admin on Wednesday, Sep 09, 2026
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सत्यदर्शन लाइव डेस्क : सड़क दुर्घटनाओं में हर साल होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। "हेलमेट मैन ऑफ इंडिया" राघवेंद्र कुमार की टीम ने यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण को एक ज्ञापन सौंपकर "संजीवनी बूटी मिशन" की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसके तहत मात्र ₹1 प्रति वाहन के टोल में दुर्घटना पीड़ितों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से तुरंत अस्पताल पहुंचाने की सुविधा मिलेगी।
"सड़क दुर्घटना एक अदृश्य युद्ध है": ज्ञापन सौंपते हुए हेलमेट मैन ने कहा कि यह लड़ाई जीतने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से किसी आर्थिक सहायता की नहीं, बल्कि सिर्फ अनुमति और सहयोग की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अमीर और गरीब के बीच की खाई को मिटाकर यह मिशन हर घायल व्यक्ति को कुछ ही मिनटों में हॉस्पिटल पहुंचाकर उसकी जान बचाएगा।
प्रशासन ने बताया ऐतिहासिक पहल: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारी IAS शैलेंद्र सिंह ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए इसे एक ऐतिहासिक पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद हर सप्ताह सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी मदद की कॉल आती रहती हैं, जिससे अधिकारी भी मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने कई होनहार अधिकारियों और इंजीनियरों को समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में खो दिया है। उनके अनुसार, यह मॉडल सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में देश के सभी एक्सप्रेसवे के लिए विकास की नई ताकत बनेगा।
25 साल के अनुभव के साथ तैयार हुई तकनीकी योजना: मिशन से जुड़ी एविएशन तकनीकी जानकारी डॉ. नवनीत ने विस्तार से प्रस्तुत की। एविएशन इंडस्ट्री में लगभग 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. नवनीत भारत समेत दुनिया के कई देशों में 5,000 से अधिक लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में योगदान दे चुके हैं। इस मिशन के लिए हेलीकॉप्टर की उपलब्धता लीज कंपनी EMSOS Pvt Ltd सुनिश्चित करेगी, जबकि हेलीपैड और DGCA से जुड़े सभी ग्राउंड कार्यों की जिम्मेदारी भारतीय सेना में उल्लेखनीय सेवा दे चुके कर्नल मोहित गौण संभालेंगे। कर्नल गौण ने कहा कि अब सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के खिलाफ भी लड़ाई लड़ने की जरूरत है, और यमुना एक्सप्रेसवे पर मात्र ₹1 में यह सुविधा जनता को देना गर्व की बात है।
समय पर इलाज ही असली चुनौती: "संजीवनी बूटी मिशन" का मुख्य उद्देश्य उन दुर्घटना पीड़ितों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है, जहां सड़क मार्ग से अस्पताल पहुंचने में कीमती समय बर्बाद हो जाता है। DPR में चिन्हित किए गए स्थानों पर घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाना आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसे यह मिशन हल करने का प्रयास करेगा। सरकारी खजाने पर नहीं पड़ेगा बोझ: सबसे खास बात यह है कि इस पूरी योजना को सरकारी राजस्व पर कोई अतिरिक्त बोझ डाले बिना संचालित करने का प्रस्ताव है।
उद्देश्य स्पष्ट है जब यमुना एक्सप्रेसवे पर किसी की जान खतरे में हो, तो हेलीकॉप्टर तुरंत घटनास्थल पर उतरे और उसे बचाया जा सके, क्योंकि हर सेकंड किसी की जिंदगी बचा सकता है। ज्ञापन सौंपने के इस अवसर पर राघवेंद्र कुमार, डॉ. नवनीत, कर्नल मोहित, पवन द्विवेदी, सिद्धि विनायक, शुभम सिंह, श्रेया शर्मा, ओमप्रकाश और नन्द किशोर समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
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