- Post by Admin on Wednesday, Aug 19, 2026
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गोपी साहू : विश्व फोटोग्राफी दिवस 19 अगस्त को मनाया जाता है, जो लुई डागरे द्वारा 1837 में विकसित की गई फोटोग्राफी प्रक्रिया, डागरेटाइप के आविष्कार की स्मृति में मनाया जाता है। इस प्रक्रिया को 19 अगस्त, 1839 को फ्रांसीसी सरकार द्वारा विश्व को उपहार स्वरूप आधिकारिक रूप से घोषित किया गया था। तब से, फोटोग्राफी का जबरदस्त विकास हुआ है और यह अभिव्यक्ति, संचार और दस्तावेज़ीकरण का एक शक्तिशाली माध्यम बन गई है। इसलिए, फोटोग्राफी के इतिहास में इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का सम्मान करने के लिए 19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस के रूप में चुना गया।
एक समय था जब ग्रामीण इलाकों में कैमरा दुर्लभ हुआ करता था। लोग एक फोटो खिंचाने के लिए कई किलोमीटर दूर फोटो स्टूडियो के चक्कर लगाते थे। लेकिन आज स्मार्टफोन और डिजिटल कैमरों ने फोटोग्राफी को हर व्यक्ति की पहुंच में ला दिया है। अब हर कोई कभी भी, कहीं भी तस्वीरें खींच सकता है और उन्हें सहेज कर रख सकता है। दुनिया भर में अनगिनत लोग ऐसे हैं जिन्होंने फोटोग्राफी को न केवल शौक बल्कि अपना करियर भी बनाया है। ऐसे ही लोगों को प्रोत्साहित करने और दुनियाभर में फोटोग्राफी कला को सम्मान देने के लिए हर साल यह दिवस मनाया जाता है।
सोशल मीडिया पर इस मौके पर लोग अपनी बेस्ट फोटोज शेयर कर रहे हैं और फोटोग्राफी के सफर को याद कर रहे हैं। एक तस्वीर हजार शब्दों की जगह ले सकती है। यही विश्व फोटोग्राफी दिवस का सबसे महत्वपूर्ण संदेश है हर खास क्षण को कैद करना ताकि वह समय के साथ खो न जाए।
तस्वीर जनजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। किसी हादसे, प्राकृतिक आपदा, सामाजिक आंदोलन, राजनीतिक घटनाक्रम या आम जनजीवन की तस्वीर कई बार शब्दों से अधिक प्रभावशाली ढंग से पूरी कहानी कह देती है। आज स्मार्टफोन और डिजिटल कैमरों ने फोटोग्राफी को लगभग हर व्यक्ति की पहुंच में ला दिया है।
सोशल मीडिया के दौर में हर दिन करोड़ों तस्वीरें खींची और साझा की जाती हैं। एक अच्छी तस्वीर समय, समाज और इतिहास के पल को सुरक्षित कर देती है।
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