- Post by Admin on Thursday, Feb 12, 2026
- 378 Viewed
![]()
छत्तीसगढ़ के गुरूर अंचल जिला बालोद निवासी कुलदीप सिंह साहू साहित्यकार के साथ ही एक अच्छे कृषक और समाज सेवी रहे हैं। उनके सामाजिक और साहित्यिक योगदान को चिर स्थाई बनाए रखने के प्रयास में स्व. कुलदीप सिंह साहू स्मृति सम्मान का यह तृतीय वर्ष है।
यह कार्यक्रम लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन तथा साहित्य प्रकोष्ठ साहू मित्र सभा के संयुक्त तत्वावधान में साहू मित्र सभा सभागार में शुक्रवार 13 तारीख को संध्या 4 बजे आयोजित की जाएगी।
इस कार्यक्रम में अतिथि के रूप में साहित्यकार व समाजसेवी डा वेदवती मंडावी, निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम नेहरू नगर भिलाई के ट्रस्टी अध्यक्ष आत्मा राम साहू, साहू मित्र सभा भिलाई के अध्यक्ष खेदराम साहू, वरिष्ठ साहित्यकार बद्री प्रसाद पारकर तथा लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन के प्रांतीय अध्यक्ष डा दीनदयाल साहू विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इस कार्यक्रम में समाज रत्न स्व मनराखन साहू जी के सामाजिक और साहित्यिक योगदान पर व्याख्यान होंगे। इसके बाद स्व कुलदीप सिंह साहू स्मृति सम्मान वरिष्ठ साहित्यकार व संपादक डॉ डी पी देशमुख को तथा अंचल के ख्याति प्राप्त लोक कलाकार व साहित्यकार हेमलाल साहू निर्मोही को प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में उपस्थित साहित्यकारों द्वारा काव्य पाठ किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूनम यादव तथा आभार प्रदर्शन संस्था के सचिव लाल जी साहू करेंगे।
अन्य समाचार
जब खैरागढ़ से उठी कला की गूंज, और थाईलैंड तक पहुँची भारत की पहचान
मो. आसिफ हुसैन, राजेंद्र कुमार, तोषिता असाटी, मधुश्मिता पॉल और एक्कलक नू नगियोन ने जैसे ही अपनी प्रस्तुतियाँ शुरू कीं, हर नजर उन पर टिक गई। उनके हर भाव, हर सुर और हर कदम में भारतीय संस्कृति की गहराई झलक रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे भारत की आत्मा स्वयं उस मंच पर जीवंत हो उठी हो।
Read More...
डॉ. शुभा मिश्रा और गजेंद्र कुमार साहू सरस्वती साहित्य नव लेखक सम्मान से सम्मानित
विमतारा सभागार रायपुर में सरस्वती बुक्स व श्रीसाईनाथ फाउंडेशन के द्वारा आयोजित सरस्वती साहित्य सम्मान समारोह में डॉ. शुभा मिश्रा और गजेंद्र कुमार साहू को सरस्वती साहित्य नव लेखक सम्मान से सम्मानित किया गया
Read More...
उपन्यास गांव खेड़ा मौहा भाठा : सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं, किंतु वास्तविक जीवन में नौकरशाही से सत्य इतना परेशान हो जाता है कि हर किसी के लिए लड़ना और सत्य का दामन थामे रखना आसान नहीं होता
उपन्यास में अंत तक यह जिज्ञासा बनी रही कि क्या जयमती आखिर तक सत्य के लिए लड़ेगी या परिस्थितियों से समझौता कर सिस्टम का हिस्सा बन जाएगी।
Read More...
रंग-बिरंगी, भावपूर्ण और मन को छू लेने वाली कविताओं का सुंदर संग्रह ...चम्पेश्वर गिरि गोस्वामी की बहुप्रतीक्षित पुस्तक का भव्य विमोचन
जब एक रचनाकार अपने अनुभवों, भावनाओं और सपनों को कागज़ पर उतारता है, तो वह केवल पुस्तक नहीं, बल्कि पाठकों के लिए एक प्रेरक यात्रा रचता है
Read More...
दिमाग पढ़ने वाली चिप! वैज्ञानिकों ने बनाई सोच को आवाज में बदलने वाली तकनीक, बिना बोले भी कह पाएंगे अपनी बात
दिमाग पढ़ने वाली यह नई चिप टेक्नोलॉजी इंसान और मशीन के रिश्ते को पूरी तरह बदल सकती है. अभी यह शुरुआती दौर में है, लेकिन जिस तरह से Artificial Intelligence और Machine Learning इसमें जुड़ रही है, वह दिन दूर नहीं जब हम बिना बोले, बिना लिखे सिर्फ सोचकर बातचीत कर पाएंगे.
Read More...
मनखे-मनखे एक समान : अगर हम सच बोलना, न्याय करना और प्रेम बाँटना सीख लें, तो समाज अपने आप बदल सकता है
बाबा गुरु घासीदास जी ने जंगलों, खेतों और साधारण जीवन के बीच उन्होंने सत्य, अहिंसा और समानता को व्यवहार में उतारा। उनके लिए धर्म का अर्थ पूजा नहीं, बल्कि इंसान को इंसान समझना था।
Read More...
अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव उन्मेष 2025 : वरिष्ठ साहित्यकार दीनदयाल साहू को 24 भाषाओं और 70 आदिवासी समुदायों के लेखकों के बीच छत्तीसगढ़ी कहानी वाचन के लिए आमंत्रित किया गया
देश–विदेश से आए कथाकारों, उपन्यासकारों और शोधार्थियों के बीच इस तीन दिवसीय महोत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला भिलाई नगर निवासी वरिष्ठ साहित्यकार और संपादक दीनदयाल साहू को
Read More...
सत्यदर्शन साहित्य : भरी-पूरी हों सभी बोलियां,यही कामना हिंदी है...गहरी हो पहचान आपसी,यही साधना हिंदी है...गिरिजाकुमार माथुर
गिरिजाकुमार माथुर का जन्म 22 अगस्त 1919 को अशोकनगर (मध्यप्रदेश) में हुआ था। वे आधुनिक हिंदी कविता के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर रहे
Read More...
सत्यदर्शन साहित्य... प्रिय गीत तुम्हें मैं गाऊंगा : छत्तीसगढ़ की आत्मा से जुड़ा गीत-संग्रह
छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गीतकार चम्पेश्वर गोस्वामी द्वारा रचित गीत-संग्रह “प्रिय गीत तुम्हें मैं गाऊंगा” साहित्य और संगीत की दुनिया में एक नई पहचान बना रहा है।
Read More...
जो तुम आ जाते एक बार....महादेवी वर्मा
महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध कवयित्री, लेखिका और समाजसेविका थीं, जिन्हें आधुनिक मीरा भी कहा जाता है। वे छायावादी काव्य धारा की चार प्रमुख स्तंभों में से एक थीं। उनकी कविताओं में गहन करुणा, संवेदनशीलता और आध्यात्मिक प्रेम की झलक मिलती है।
Read More...