- Post by Admin on Sunday, Aug 31, 2025
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जो तुम आ जाते एक बार....महादेवी वर्मा
जो तुम आ जाते एक बार,
कितनी करुणा कितने सँदेश,
पथ में बिछ जाते बन पराग,
गाता प्राणों का तार-तार,
अनुराग-भरा उन्माद-राग;
आँसू लेते वे पद पखार !
जो तुम आ जाते एक बार !
हँस उठते पल में आर्द्र नयन,
घुल जाता ओठों से विषाद,
छा जाता जीवन में वसंत,
लुट जाता चिर-संचित विराग;
आँखें देतीं सर्वस्व वार |
जो तुम आ जाते एक बार !- महादेवी वर्मा
महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध कवयित्री, लेखिका और समाजसेविका थीं, जिन्हें आधुनिक मीरा भी कहा जाता है। वे छायावादी काव्य धारा की चार प्रमुख स्तंभों में से एक थीं। उनकी कविताओं में गहन करुणा, संवेदनशीलता और आध्यात्मिक प्रेम की झलक मिलती है। उन्होंने स्त्रियों की पीड़ा, समाज में उनकी स्थिति और मानवीय संबंधों की सूक्ष्म भावनाओं को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया। उनकी प्रमुख कृतियों में यामा (जिसके लिए उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला), नीहार, रश्मि, नीरजा और सांध्यगीत शामिल हैं। साहित्य के साथ-साथ वे शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में भी सक्रिय रहीं। महादेवी वर्मा ने अपने जीवन और साहित्य के माध्यम से स्त्री चेतना और मानवीय मूल्यों को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं।
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