राजनांदगांव : मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की महिलाओं का हुनर पूरे देश के सामने चमकता नजर आया। नाबार्ड हेड ऑफिस द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में रुचि संस्था की महिलाओं ने अपने आत्मविश्वास, मेहनत और रचनात्मकता से यह साबित कर दिया कि यदि अवसर मिले तो ग्रामीण और स्थानीय महिलाएं भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

यह अवसर उनके लिए न केवल गर्व का क्षण था, बल्कि महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल भी बना। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नाबार्ड हेड ऑफिस मुंबई में 9 मार्च से 11 मार्च तक तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आई महिला समूहों और संस्थाओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना और उनके आत्मनिर्भरता के प्रयासों को प्रोत्साहित करना था।

इस प्रदर्शनी में कुल 18 स्टॉल लगाए गए थे, जिनमें प्रत्येक राज्य का एक प्रतिनिधि स्टॉल शामिल था। इनमें रुचि संस्था को छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला, जो संस्था और प्रदेश दोनों के लिए गौरव की बात रही। इस दौरान संस्था द्वारा निर्मित हैंडीक्राफ्ट बैग्स का आकर्षक स्टॉल लगाया गया, जहां इन उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया गया।

रुचि संस्था की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए खूबसूरत और पर्यावरण अनुकूल हैंडीक्राफ्ट बैग्स को कार्यक्रम में आए लोगों ने खूब सराहा। कई आगंतुकों ने इन बैग्स की गुणवत्ता, डिजाइन और उपयोगिता की प्रशंसा की तथा बड़ी संख्या में इन्हें खरीदा भी। इससे महिलाओं का उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़ा।

कार्यक्रम के दौरान नाबार्ड के अधिकारियों और विभागीय प्रतिनिधियों ने भी रुचि संस्था की महिलाओं के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हैं बल्कि स्थानीय कला और कौशल को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है।

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