- Post by Admin on Sunday, Sep 07, 2025
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कारवी यादव : छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गीतकार चम्पेश्वर गोस्वामी द्वारा रचित गीत-संग्रह “प्रिय गीत तुम्हें मैं गाऊंगा” साहित्य और संगीत की दुनिया में एक नई पहचान बना रहा है। यह पुस्तक केवल गीतों का संग्रह नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी, लोकभावना और संवेदनाओं की जीवंत अभिव्यक्ति है।इसमें संजोए गए गीत इतने सहज और आत्मीय हैं कि पाठक इन्हें पढ़ते हुए खुद को अपनी धरती से गहराई से जुड़ा हुआ महसूस करता है।
गौरतलब है कि, इस अमूल्य कृति का विमोचन मुंबई के प्रख्यात संगीतकार और गायक अर्नब चटर्जी ने किया। अर्नब चटर्जी न केवल हिंदी और अन्य भाषाओं के संगीत में अपनी पहचान बना चुके हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी उन्होंने संगीत निर्देशन किया है। उनके सुरों में छत्तीसगढ़ की मिट्टी की महक झलकती है और यही वजह है कि इस गीत संग्रह से उनका जुड़ाव बेहद खास माना जा रहा है।
अभी पिछले सावन, अर्नब चटर्जी द्वारा गाया गया गीत “सावन मतावय” लोगों की ज़ुबान पर छा गया था, जिसे स्वयं चम्पेश्वर गोस्वामी ने लिखा था। यह गीत इस बात का प्रमाण है कि जब गहन भावनाओं को सुरों का साथ मिलता है, तो वह सीधे लोगों के दिलों तक पहुँचता है। यही वही अनुभूति है जो “प्रिय गीत तुम्हें मैं गाऊंगा” के हर गीत में समाई हुई है।
विमोचन समारोह में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार और फिल्म समीक्षक अनिरुद्ध दुबे जी की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। उन्होंने इस संग्रह को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर में महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए कहा कि यह पुस्तक समय के साथ अपनी अमिट छाप छोड़ेगी।
सबसे प्रेरणादायक क्षण वह था जब अर्नब चटर्जी ने भविष्य में अपने नए प्रोजेक्ट्स में इस संग्रह के गीतों को संगीतबद्ध करने की घोषणा की। यह कदम न केवल इस पुस्तक की लोकप्रियता को बढ़ाएगा बल्कि छत्तीसगढ़ी गीतों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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