कमलेश यादव : प्रकृति की गोद में हीलिंग पावर छिपी है, जिसे हम सब अपनी आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में पीछे छोड़ आए हैं।आज जब दवाइयों के बीच भी मन और शरीर सुकून तलाश रहा है, तब कुछ लोग ऐसे हैं जो हमें हमारी जड़ों से दोबारा जोड़ने का काम कर रहे हैं। मध्य भारत में नैचरोपैथी का एक ऐसा ही विश्वसनीय और प्रेरक नाम है—डॉ. प्रवेश जैन। उन्होंने न केवल हजारों लोगों को बीमारियों से राहत दिलाई है, बल्कि उन्हें यह भी सिखाया है कि असली स्वास्थ्य दवाइयों में नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली और प्रकृति के साथ सामंजस्य में छिपा होता है।

गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित “PRAKRITI LIFE ENHANCER" सेंटर आज उन लोगों के लिए आशा की किरण बन चुका है, जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। यहां इलाज केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि प्रकृति के सिद्धांतों से किया जाता है—जहां शरीर को खुद ठीक होने का अवसर दिया जाता है।

डॉ. प्रवेश जैन की यह यात्रा कोई साधारण कहानी नहीं है, बल्कि यह विरासत, संघर्ष और समर्पण का संगम है। उनके दादाजी स्वर्गीय श्री हुकुम चंद जैन वैधराज थे, जिनसे उन्हें सेवा और चिकित्सा का संस्कार मिला। यही पारिवारिक प्रेरणा उनके जीवन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण रही।

बचपन में उनका सपना एमबीबीएस डॉक्टर बनने का था, लेकिन नियति ने उन्हें एक अलग राह पर चलने के लिए चुना। वर्ष 2002 में उन्होंने महावीर कॉलेज नैचरोपैथी, नगपुरा से बैचलर ऑफ नैचरोपैथी एंड योगा साइंस की पढ़ाई पूरी की और यहीं से उनके जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ।

सीखने और सेवा का यह सफर यहीं नहीं रुका। उन्होंने मालदीव में नैचरोपैथी कंसल्टेंट और योगा ट्रेनर के रूप में अपनी सेवाएं दीं और फिर रूस के मॉस्को में भी अपनी विशेषज्ञता से लोगों को लाभान्वित किया। लेकिन अंततः “जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ है” इस भावना ने उन्हें अपनी मिट्टी, छत्तीसगढ़, वापस बुला लिया।

साल 2015 से वे छत्तीसगढ़ में लगातार सेवा दे रहे हैं और अब तक 2000 से अधिक मरीजों को स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर कर चुके हैं। उनके सेंटर में नाड़ी परीक्षण, फिजियोथेरेपी, योग, एक्यूपंक्चर जैसी आयुष पद्धतियों के माध्यम से समग्र उपचार किया जाता है।

डॉ. जैन का मानना है कि स्वास्थ्य केवल बीमारी का अभाव नहीं, बल्कि शरीर और मन का संतुलन है। वे लोगों को सिखाते हैं कि सही आहार, नियमित व्यायाम और ध्यान—इन तीनों का संतुलन ही स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है। उनका कार्य केवल इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की सोच और दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाना है।

आगे का उनका सपना बेहद प्रेरणादायक है—राजनांदगांव में नैचरोपैथी का 100 बेड का अस्पताल स्थापित करना, जहां हर व्यक्ति को प्रकृति से जोड़कर स्वस्थ जीवन की ओर ले जाया जा सके। “सादा जीवन, उच्च विचार” के मंत्र के साथ वे आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि उनके लिए सबसे अमूल्य चीज है—अच्छा स्वास्थ्य, जो हर इंसान का अधिकार होना चाहिए।

जब उपचार सिर्फ दवा तक सीमित न रहकर सेवा का रूप ले ले, तब वह जीवन बदलने की शक्ति बन जाता है। डॉ. प्रवेश जैन का कार्य भी कुछ ऐसा ही है जहां मरीज केवल इलाज के लिए नहीं आते, बल्कि नई उम्मीद और नई जीवनशैली लेकर लौटते हैं। वे हर व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से समझते हैं, उसकी दिनचर्या, खानपान और मानसिक स्थिति पर ध्यान देते हुए जड़ से सुधार की दिशा में काम करते हैं।

यही कारण है कि उनके पास आने वाला हर व्यक्ति खुद को सिर्फ एक मरीज नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा महसूस करता है। अगर आप भी दवाइयों के सहारे से आगे बढ़कर प्राकृतिक और स्थायी स्वास्थ्य की राह पर चलना चाहते हैं, तो डॉ. प्रवेश जैन का मार्गदर्शन आपके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बन सकता है।

???? संपर्क: 9171353665 7000457611

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