गोपी : आज के दौर में जहां लोग अपने दायरे तक सीमित होते जा रहे हैं, वहीं रजनी वरवानी जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई हैं। स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद उनका सेवा भाव लगातार समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंच रहा है। निस्वार्थ सेवा और मानवता के प्रति समर्पण ने उन्हें गरीबों की सच्ची मसीहा के रूप में पहचान दिलाई है।

गौरतलब है कि, कुछ माह पूर्व वितरण अभियान के दौरान रजनी वरवानी को दो ऐसे भाइयों की जानकारी मिली, जो सड़क दुर्घटना में गंभीर फ्रैक्चर के कारण बिस्तर पर थे और उनकी आय का कोई साधन नहीं बचा था। उनकी स्थिति देखकर रजनी ने सोशल मीडिया और अपने हेल्पिंग हैंड्स के माध्यम से सहायता की अपील की। इसके बाद राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की गई तथा महंगे चिकित्सा खर्चों के लिए भी लगातार सहयोग जुटाकर उनकी मदद करवाई गई।

इसी दौरान उन्हें छह बच्चों के पिता एक दिव्यांग व्यक्ति के बारे में पता चला, जिनकी दोनों टांगें कटी हुई हैं और वे दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। रजनी वरवानी ने उनके लिए राशन उपलब्ध कराने के साथ-साथ व्हीलचेयर दिलाने का भी प्रयास किया।

उनकी अपील पर दुबई निवासी एंडी मॉम तथा परिवार के सदस्यों ने गुप्त रूप से सहयोग देकर इस मानवीय कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। निरजला एकादशी के अवसर पर भी रजनी वरवानी ने झुग्गी-बस्तियों में छाछ वितरण, चप्पल दान, खाद्य सामग्री वितरण, गौसेवा तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।

उनका मानना है कि सेवा केवल दान नहीं, बल्कि जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लौटाने का माध्यम है। उनके इस सेवा अभियान में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं, परिवारजनों और एंडी मॉम का भी विशेष योगदान रहा है।

समाजसेवा के प्रति उनकी यह निस्वार्थ भावना यह संदेश देती है कि संवेदनशीलता और सहयोग की छोटी-सी पहल भी किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

Share

अन्य समाचार

fb-img-1787118539319

विश्व फोटोग्राफी दिवस : एक कैमरामैन दुनिया को अलग तरह से देखता है

हर साल 19 अगस्त को पूरी दुनिया में विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन सभी फोटोग्राफरों और शौकीनों को समर्पित है, जिन्होंने अपने कैमरे के जरिए समय के उन खास पलों को कैद किया जो हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बन गए।


Read More...
433ee9b8-16a2-44cc-8b49-1c4840991d09

आजादी के 80 साल: बदलाव की नई इबारत लिख रहा बैगाटोला

आजादी के 80वें वर्ष में जब पूरा देश तिरंगे के रंग में रंगने की तैयारी कर रहा है, बैगाटोला जैसे गांव यह साबित कर रहे हैं कि असली विकास तभी सार्थक है जब वह गांव-गांव, गली-गली तक पहुंचे।


Read More...
26689374-8e77-4b93-8488-a12843e1188c

हाथ में स्टेथोस्कोप, दिल में इंसानियत और आंखों में हर जिंदगी बचाने का सपना...डॉक्टर विजय ठाकुर की प्रेरक कहानी

तुलसी क्लिनिक से हजारों जिंदगी में भरोसा, करुणा और उम्मीद जगाने वाले चिकित्सक डॉक्टर विजय ठाकुर


Read More...
sdm-karishma-chauhan-success-story

AI से लिखवाए निबंध,नोएडा की करिश्मा ऐसे UP PCS क्रैक कर बनी थीं SDM

UP PCS Topper Karishma Chauhan Success Story: क्या AI से तैयारी करके सिविल सेवा जैसी परीक्षा पास की जा सकती है? नोएडा की करिश्मा चौहान की सफलता ने इस सवाल का जवाब 'हां' में दिया है। उनकी सफलता की कहानी तैयारी के पुराने तरीके से हटकर 'स्मार्ट-स्टडी' और खुद पर अटूट विश्वास की है।


Read More...
0a74ec62-f558-40d1-a400-0e16081fe9e3

माटी के डॉक्टर: जब सेवा बनी सांसों की तरह जरूरी... डॉ. वासुदेव साहू की प्रेरक कहानी

छत्तीसगढ़ के बालोद जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर स्थित ग्राम माहुद में विगत 30 वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे डॉ. वासुदेव साहू ने चिकित्सा सेवा के साथ-साथ समाज सेवा को भी अपना ध्येय बनाया है।


Read More...
img-20260714-wa0025

एक आंख की रोशनी गई, मगर हजारों जीवन में उम्मीद की रोशनी जगा दी...अपनी पीड़ा को समाज की सेवा में बदलने वाले, डॉक्टर सुदर्शन देवांगन

डॉ. एस.के. (सुदर्शन) देवांगन डॉ. भीमराव अंबेडकर के उस विचार को अपने जीवन में साकार कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि "जब पढ़-लिखकर काबिल बन जाओ, तब उस समाज को मत भूलना, जहां से तुम आए हो।" पिछले 12 वर्षों से वे रातापयली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद मरीजों का निःशुल्क इलाज कर रहे हैं।


Read More...
img-20260719-wa0028

जब गांव बना परिवार : 13 वर्षों से स्वच्छता की मिसाल, महिलाओं ने खुद संभाली गांव की सफाई

ग्राम खैरा की यह प्रेरक कहानी पूरे देश को संदेश देती है कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है


Read More...
img-20260621-100045

सेवा, सौंदर्य और महिला सशक्तिकरण की बनीं मिसाल...नेपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली पहली महिला रुना शर्मा

एक सशक्त महिला का पर्याय हैं रुना शर्मा जिन्हें नेपाल में आयोजित एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त कर अंतराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाली पहली महिला जिसे CGPSC में विशेस उल्लेख किया गया हैं।


Read More...
img-20260618-072027

प्लास्टिक या धातु नहीं, केवल बांस और ताड़ के पत्ते: मेघालय की 100 साल पुरानी छतरियों में हैंडल नहीं है, लेकिन ये आपको भारी बारिश से बचा सकती हैं

मेघालय के निवासी लंबे समय से हाथ से बने वर्षा रोधकों का सहारा लेते रहे हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'नप्स' कहा जाता है । ये रोधक उन्हें लगातार बारिश से बचाते हैं, खासकर मानसून के महीनों में।


Read More...