- Post by Admin on Thursday, Jul 02, 2026
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गोपी : आज के दौर में जहां लोग अपने दायरे तक सीमित होते जा रहे हैं, वहीं रजनी वरवानी जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई हैं। स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद उनका सेवा भाव लगातार समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंच रहा है। निस्वार्थ सेवा और मानवता के प्रति समर्पण ने उन्हें गरीबों की सच्ची मसीहा के रूप में पहचान दिलाई है।
गौरतलब है कि, कुछ माह पूर्व वितरण अभियान के दौरान रजनी वरवानी को दो ऐसे भाइयों की जानकारी मिली, जो सड़क दुर्घटना में गंभीर फ्रैक्चर के कारण बिस्तर पर थे और उनकी आय का कोई साधन नहीं बचा था। उनकी स्थिति देखकर रजनी ने सोशल मीडिया और अपने हेल्पिंग हैंड्स के माध्यम से सहायता की अपील की। इसके बाद राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की गई तथा महंगे चिकित्सा खर्चों के लिए भी लगातार सहयोग जुटाकर उनकी मदद करवाई गई।
इसी दौरान उन्हें छह बच्चों के पिता एक दिव्यांग व्यक्ति के बारे में पता चला, जिनकी दोनों टांगें कटी हुई हैं और वे दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। रजनी वरवानी ने उनके लिए राशन उपलब्ध कराने के साथ-साथ व्हीलचेयर दिलाने का भी प्रयास किया।
उनकी अपील पर दुबई निवासी एंडी मॉम तथा परिवार के सदस्यों ने गुप्त रूप से सहयोग देकर इस मानवीय कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। निरजला एकादशी के अवसर पर भी रजनी वरवानी ने झुग्गी-बस्तियों में छाछ वितरण, चप्पल दान, खाद्य सामग्री वितरण, गौसेवा तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
उनका मानना है कि सेवा केवल दान नहीं, बल्कि जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लौटाने का माध्यम है। उनके इस सेवा अभियान में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं, परिवारजनों और एंडी मॉम का भी विशेष योगदान रहा है।
समाजसेवा के प्रति उनकी यह निस्वार्थ भावना यह संदेश देती है कि संवेदनशीलता और सहयोग की छोटी-सी पहल भी किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
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