कमलेश यादव : कुछ लोग अपने लिए सफल होते हैं, जबकि कुछ लोग अपनी सफलता से समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की रहने वाली रुना शर्मा उन्हीं प्रेरणादायी शख्सियत में से एक हैं, जिन्होंने संघर्षों को सीढ़ी बनाकर सफलता की नई इबारत लिखी है। जीवन की कठिन परिस्थितियों, चुनौतियों और अनेक अनकहे दर्दों को अपने हौसले से मात देते हुए उन्होंने न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि हजारों महिलाओं और युवतियों के लिए आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन का मार्ग भी प्रशस्त किया। नेपाल में आयोजित इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली पहली महिला के रूप में उनका नाम दर्ज हुआ, वहीं उनके उल्लेखनीय कार्यों को CGPSC में विशेष रूप से शामिल किया जाना उनकी उपलब्धियों की एक और बड़ी पहचान है।

गौरतलब है कि, रुना शर्मा बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। वे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कॉस्मेटोलॉजिस्ट, ब्यूटी एक्सपर्ट, अभिनेत्री, इवेंट डायरेक्टर, महिला सशक्तिकरण की प्रबल पक्षधर एवं समाजसेवी हैं। सौंदर्य और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में उन्होंने हजारों युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया है। उनके प्रयासों से अनेक महिलाओं को रोजगार मिला, जिन्होंने अपने जीवन की दिशा बदलते हुए आर्थिक रूप से मजबूत बनने का साहस पाया। उनके लिए सौंदर्य केवल बाहरी आकर्षण नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और आत्मसम्मान का माध्यम है।

रुना शर्मा का जीवन संघर्षों से अछूता नहीं रहा। वे बताती हैं कि हर व्यक्ति की तरह उन्हें भी अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कई ऐसे अनुभव रहे जिन्हें उन्होंने कभी सार्वजनिक नहीं किया, क्योंकि वे उनके लिए सीख, आत्मबल और आत्मविश्वास का आधार बन गए। उनका मानना है कि संघर्ष हमें तोड़ने के लिए नहीं आते, बल्कि हमें मजबूत, परिपक्व और जीवन के प्रति अधिक जागरूक बनाने के लिए आते हैं। यही सोच उन्हें हर परिस्थिति में सकारात्मक बनाए रखती है।

रुना शर्मा पूरे विश्वास के साथ कहती हैं कि यदि नीयत साफ हो, उद्देश्य सकारात्मक हों और स्वयं पर विश्वास हो, तो कोई भी आपके कार्यों को रोक नहीं सकती। चुनौतियां हर व्यक्ति के जीवन में आती हैं, लेकिन दृढ़ संकल्प, ईमानदारी और अथक परिश्रम करने वाले लोग अपना रास्ता स्वयं बना लेते हैं। उनके अनुसार सफलता का वास्तविक आधार केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, निरंतर प्रयास और धैर्य होता है। रुना शर्मा अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहती हैं कि उन्हें कुछ ऐसे लोगों और परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा जिनका प्रभाव सकारात्मक नहीं था।

लेकिन माता रानी की कृपा, गुरुजनों के मार्गदर्शन और ईश्वर के आशीर्वाद से उन्होंने समय रहते यह समझ लिया कि जीवन में नकारात्मकता से दूरी बनाना भी उतना ही आवश्यक है जितना सफलता के लिए मेहनत करना। उनका मानना है कि हर किसी को बदलना हमारे हाथ में नहीं होता, लेकिन स्वयं को नकारात्मक वातावरण से बचाना और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना पूरी तरह हमारे हाथ में है। यही सीख उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सीखों में से एक रही है।

उनकी प्रेरणा का स्रोत केवल उनकी उपलब्धियां नहीं, बल्कि समाज के वे लोग हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते। माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कार, परिवार का सहयोग, समाज सेवा के अनुभव और महान व्यक्तित्वों के संघर्षपूर्ण जीवन ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की शक्ति दी है।

वे मानती हैं कि जब हमारी सोच सकारात्मक होती है, तो जीवन हमें अच्छे लोगों, अच्छे अवसरों और अच्छे अनुभवों से जोड़ देता है। समाज सेवा के क्षेत्र में भी रुना शर्मा की सक्रिय भूमिका रही है। वे समय-समय पर महिला जागरूकता अभियान, कौशल विकास कार्यक्रम, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता गतिविधियों तथा विभिन्न सामाजिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करती रही हैं। उनका उद्देश्य केवल स्वयं आगे बढ़ना नहीं, बल्कि दूसरों को भी आगे बढ़ने का अवसर देना है। यही कारण है कि वे आज हजारों महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

महिला सशक्तिकरण पर उनके विचार अत्यंत स्पष्ट और प्रभावशाली हैं। वे कहती हैं, "हर महिला, हर मां और हर बेटी के लिए आत्मनिर्भर होना बेहद आवश्यक है। यह किसी से प्रतिस्पर्धा करने की बात नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और सुरक्षा की बात है। शिक्षा और स्वयं की कमाई महिलाओं को निर्णय लेने की शक्ति देती है। जब एक महिला शिक्षित और आत्मनिर्भर होती है तो वह केवल अपना भविष्य नहीं संवारती, बल्कि पूरे परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है।"

रुना शर्मा महिलाओं और बेटियों को संदेश देती हैं कि अपने सपनों को पहचानें, शिक्षा को प्राथमिकता दें और अपने पैरों पर खड़े होने का प्रयास करें। उनके अनुसार आर्थिक रूप से सशक्त महिला हर परिस्थिति का सामना अधिक आत्मविश्वास और सम्मान के साथ कर सकती है। वे दृढ़ता से कहती हैं कि "संघर्ष हमें मजबूत बनाते हैं, शिक्षा हमें सक्षम बनाती है और आत्मनिर्भरता हमें सम्मान के साथ जीना सिखाती है। यह केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि हर महिला का अधिकार है।"

आज रुना शर्मा केवल एक सफल प्रोफेशनल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सेवा, संघर्ष, महिला सशक्तिकरण और सकारात्मक सोच की जीवंत मिसाल हैं। उनकी यात्रा यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, नीयत अच्छी हो, कर्म ईमानदार हों और ईश्वर पर अटूट विश्वास हो, तो कोई भी चुनौती सफलता के मार्ग में स्थायी बाधा नहीं बन सकती। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश देता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास से हर सपना साकार किया जा सकता है।

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