रजनी यादव :पलाश के रंग-बिरंगे फूल इस समय जंगल और खेतों की शोभा बढ़ा रहे हैं. छत्तीसगढ़ में भी पलाश के पेड़ काफी ज्यादा पाए जाते हैं. जंगल तो छोड़िए खेतों की मेढ़ों के ऊपर भी ये पलाश के पेड़ मिल जाएंगे. पलाश की खूबसूरती ऐसी कि वहां अनायास ही ठहरने का मन कर जाए. लेकिन क्या आपको पता है जिस पलाश के पेड़ को क्षेत्र के लोग व्यर्थ मानते हैं वही पलाश का पेड़ पैसों की बारिश कर सकता है. जानकारों की मानें तो ये कीमती पेड़ों में से एक है जो प्रकृति का अनमोल तोहफा है.

पलाश के पेड़ को कहते हैं 'फायर ऑफ द जंगल' कृषि वैज्ञानिक के अनुसार "पलाश के पेड़ को फायर ऑफ द जंगल भी कहते हैं. जब जंगल में बहुतायत में पलाश के फूल खिले होते हैं तो वहां ऐसा लगता है मानो आग लगी हो. इसलिए इसे फायर ऑफ द जंगल के नाम से भी जाना जाता है. पलाश को टेसू, ढाक, परसा, केसू और किंशुक जैसे नामों से जाना जाता है। बसंत ऋतु में इसके पुष्प गुच्छ अंगारों की तरह दहकते है और गिरे फूलों से धरती लाल चादर-सी ओढ़ लेती है। अंग्रेजी साहित्य में इसे ‘फ्लेम ऑफ फॉरेस्ट’ यानी ‘वन ज्योति’ कहा गया है

किसानों का मित्र है ये पेड़ कभी आपने इसके बारे में सोचा ना होगा कि आखिर खेतों की मेड़ों पर पलाश के पेड़ क्यों लगाए जाते हैं. उसकी मुख्य वजह ये है कि पलाश के पेड़ किसानों के मित्र का भी काम करता है. ये पेड़ बायोमास का काम करते हैं, मतलब मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं उसमें नाइट्रोजन बढ़ाते हैं. इसके अलावा इसके फूलों से गुलाल बनाने का भी काम किया जाता है. इसके साथ ही इसमें लाख बनता हैं. लाख का व्यावसायिक उपयोग भी है. इस पेड़ की एक खासियत यह है कि जब खेतों की मेड़ पर लगा होता है तो इसकी छांव नहीं बनती है. जब इस पेड़ के पत्ते झड़ते हैं तो आपके खेतों के लिए खाद का काम भी करता है.

पेड़ नहीं वरदान है पलाश का पेड़ आयुर्वेद डॉक्टर बताते हैं कि "पलाश का बॉटनिकल नेम ब्यूटिया मोनोस्पर्मा है. इस पेड़ का औषधीय महत्व बहुत ज्यादा है. अगर इसके बीज की बात की जाए इसके बीच का चूर्ण कृमि हर होता है, कृमि हर दोनों तरह से होता है. पेट के कीड़ों को मार करके निकालता है और यदि इसके सरसों के तेल के साथ इसके चूर्ण का लेप किया जाए तो फंगल डिजीज और बैक्टीरियल डिजीज को भी ठीक करने का पोटेंशियल रखता है. इसकी छाल का काढ़ा गायनोलॉजिकल प्रॉब्लम जैसे मिनो रेजिया मेट्रो रेजिया में काफी उपयोगी होता है. इससे निकलने वाली गोंद का भी कई प्रकार से व्यवसायिक उपयोग है. लोग अच्छी कमाई कर सकते हैं."

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