कमलेश यादव: जब हाथों की मेहनत आत्मसम्मान में बदलती है और छोटे-छोटे सपने बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाते हैं, तब आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर जीवंत हो उठती है। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित "ग्रामीण भारत महोत्सव 2025" में कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहां "रुचि महिला मंडल" की महिलाओं ने अपने हुनर, आत्मविश्वास और सृजनशीलता से न केवल दर्शकों का ध्यान खींचा, बल्कि यह साबित कर दिया कि महिलाएं आज किसी भी मंच पर पीछे नहीं हैं।

गौरतलब है कि, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा आयोजित यह 10 दिवसीय ग्रामीण भारत महोत्सव 19 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक गांधी मैदान, पटना में आयोजित किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों और ग्रामीण उद्यमियों ने अपने उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण भारत की रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता का सशक्त परिचय दिया।

इस प्रतिष्ठित आयोजन में नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा रुचि महिला मंडल की महिलाओं का चयन किया गया। यह चयन केवल उत्पादों का नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, प्रशिक्षण और आत्मविश्वास का सम्मान था। संस्था से जुड़ी दो महिलाएं इस मेले में सम्मिलित हुईं और पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व किया।

महिलाओं द्वारा स्वयं निर्मित हस्तनिर्मित बैग इस मेले का विशेष आकर्षण रहे। विभिन्न फैब्रिक, रंगों और आधुनिक डिजाइनों से बने इन बैगों में महिलाओं ने 20 से 25 प्रकार के अलग-अलग डिजाइनों को प्रदर्शित किया। पारंपरिक कला और आधुनिक उपयोगिता का यह अनूठा संगम लोगों को बेहद पसंद आया।

मेले में आए स्थानीय लोगों और अन्य राज्यों के आगंतुकों ने रुचि महिला मंडल के स्टॉल पर विशेष रुचि दिखाई। बैगों की गुणवत्ता, मजबूती और सुंदर डिजाइनों ने न केवल सराहना बटोरी, बल्कि महिलाओं को सीधे बाजार से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया।

रुचि महिला मंडल की संचालिका श्रीमती रचना शर्मा के मार्गदर्शन में संस्था निरंतर महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है। प्रशिक्षण, रोजगार और बाजार से जोड़ने की उनकी सोच ने अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है, और यह सहभागिता उसी सतत प्रयास का परिणाम है।

ग्रामीण भारत महोत्सव जैसे आयोजन न केवल उत्पादों के लिए मंच प्रदान करते हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की पहचान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। रुचि महिला मंडल अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। अगर अवसर मिले, तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने हुनर से देश और राज्य का नाम रोशन कर सकती हैं।

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