- Post by Admin on Monday, Jun 01, 2026
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कमलेश यादव : किसी भी समाज की असली पहचान उसके उन लोगों से होती है जो बिना किसी प्रसिद्धि की चाह के वर्षों तक सेवा, संस्कृति, शिक्षा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहते हैं। ऐसे ही अनगिनत प्रेरणादायक व्यक्तित्व हमारे जनजातीय समुदायों में मौजूद हैं, जिनकी उपलब्धियां न केवल समाज बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय हैं। भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला पद्म श्री सम्मान ऐसे ही असाधारण व्यक्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जनजातीय समुदाय के उन योग्य और प्रेरणादायक व्यक्तियों की पहचान एवं नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जो पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कोसीर रोड कॉलेज के पास, सारंगढ़ द्वारा 5 जून 2026 तक नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। यह पहल जनजातीय समाज के उन नायकों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर प्रदान कर रही है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
भारत सरकार के पद्म पुरस्कारों, विशेषकर पद्म श्री सम्मान के लिए ऐसे व्यक्तियों का चयन किया जाता है जिन्होंने कला, साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा, लोक संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान, चिकित्सा, खेल अथवा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया हो। अक्सर दूर-दराज के क्षेत्रों में कार्यरत अनेक प्रतिभाएं राष्ट्रीय पहचान से वंचित रह जाती हैं। यह नामांकन अभियान उन प्रतिभाओं को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘जनजातीय गरिमा सम्मान 2026’ के अंतर्गत भी योग्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। निर्धारित नामांकन प्रपत्र के अनुसार जाति, व्यवसाय, पद अथवा लिंग के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। कोई भी ऐसा व्यक्ति, जिसने अपने क्षेत्र में विशिष्ट या असाधारण सेवा प्रदान की हो तथा लोकहित और उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत किया हो, नामांकन के लिए पात्र है।
आवेदक कला, समाज कार्य, सार्वजनिक मामलों, चिकित्सा, साहित्य एवं शिक्षा, सिविल सेवा, खेल अथवा अन्य किसी क्षेत्र से संबंधित हो सकता है। हालांकि सेवारत सरकारी कर्मचारी सामान्यतः पात्र नहीं होंगे, लेकिन डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को इस नियम में विशेष छूट प्रदान की गई है। इससे समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों को अवसर मिल सकेगा।
जिला प्रशासन और आदिवासी विकास विभाग ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास के ऐसे जनजातीय व्यक्तित्वों की पहचान कर उनका नामांकन करें, जो पद्म श्री जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के योग्य हों।
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