कमलेश यादव : पहाड़ियों की शांत गोद में, जहां हवा भी धीरे-धीरे बहती है, वहीं पण्डवान देव मंदिर के सान्निध्य में बसा है गुजरा गांव। सुबह की पहली किरण जब मंदिर की सीढ़ियों को छूती है, तो लगता है जैसे पूरा गांव नई उम्मीदों के साथ जाग रहा हो। यह सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि बदलती सोच और आत्मनिर्भरता की एक जीवंत मिसाल बन चुका है, जहां हर चेहरे पर मेहनत की चमक और आत्मविश्वास की मुस्कान दिखाई देती है।

गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव ने बीते कुछ वर्षों में एक नई पहचान बनाई है। इस बदलाव के केंद्र में हैं गांव की सरपंच श्रीमती पार्वती मंडावी, जिनकी सोच सिर्फ विकास तक सीमित नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने गांव को सिर्फ सुविधाओं से नहीं, बल्कि अवसरों से जोड़ने का कार्य किया है।

गुजरा की महिलाओं की कहानी इस बदलाव की सबसे सशक्त तस्वीर पेश करती है। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज विभिन्न रोजगारमुखी प्रशिक्षण लेकर अपनी पहचान बना रही हैं। महिला समूहों ने सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य कार्यों में दक्षता हासिल कर अपनी आय बढ़ाई है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी मजबूती आई है।

खास बात यह है कि यहां की महिलाएं अब कैटरिंग व्यवसाय से जुड़कर न केवल अपने हुनर का प्रदर्शन कर रही हैं, बल्कि बड़े आयोजनों में सेवाएं देकर सम्मानजनक आय भी अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही, कुछ महिलाओं ने राजमिस्त्री का प्रशिक्षण लेकर समाज की पारंपरिक सोच को भी चुनौती दी है। वे अब खुद निर्माण कार्यों में हाथ बंटा रही हैं, जो नारी सशक्तिकरण की एक नई तस्वीर प्रस्तुत करता है।

इस पूरे परिवर्तन के पीछे सरपंच पार्वती मंडावी की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति साफ दिखाई देती है। उन्होंने यह साबित किया है कि यदि नेतृत्व मजबूत और सोच सकारात्मक हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े बदलाव संभव हैं। उनकी पहल ने न केवल महिलाओं को सशक्त बनाया है, बल्कि पूरे गांव को आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया है।

आज गुजरा गांव एक प्रेरणा बन चुका है, जहां विकास केवल सड़कों और भवनों तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर और सोच में भी बदलाव आया है। यह गांव बताता है कि जब एक महिला नेतृत्व करती है, तो वह केवल एक पद नहीं संभालती, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देने का सामर्थ्य रखती है।

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