कमलेश यादव: कभी साधारण लगने वाला कपड़ा जब हुनरमंद हाथों से गुजरता है तो वह सिर्फ एक बैग नहीं रहता, बल्कि मेहनत, परंपरा और आत्मनिर्भरता की कहानी बन जाता है। कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश कर रही हैं रुचि महिला मंडल समूह की महिलाएं, जिनके द्वारा बनाए गए हैंडलूम कपड़ों के इको-फ्रेंडली बैग आज लोगों के दिल जीत रहे हैं। इन बैगों में सिर्फ उपयोगिता ही नहीं, बल्कि स्थानीय कला और संस्कृति की झलक भी साफ दिखाई देती है।

केंद्र शासन की महत्वाकांक्षी योजना “एक स्टेशन एक उत्पाद” के अंतर्गत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर स्टॉल में इन बैगों की खास प्रदर्शनी की गई है। यहां से गुजरने वाले यात्री न केवल इन बैगों को देख रहे हैं बल्कि बड़ी संख्या में खरीद भी रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि ये बैग पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बेहद आकर्षक और मजबूत भी हैं।

रुचि महिला मंडल समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए इन बैगों की खासियत यह है कि इनमें 45 से भी अधिक अलग-अलग डिजाइनों के विकल्प उपलब्ध हैं। रंग-बिरंगे पैटर्न, पारंपरिक डिजाइनों और मजबूत कपड़े से बने ये बैग लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। स्टेशन पर आने वाले कई यात्री इन्हें यादगार के रूप में भी खरीद रहे हैं।

समूह की डायरेक्टर रचना शर्मा का कहना है कि इन बैगों के माध्यम से स्थानीय महिलाओं के हुनर को एक नई पहचान मिल रही है। उनका मानना है कि जब महिलाओं को मंच और अवसर मिलता है तो वे अपनी कला से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए बैगों के डिजाइनों में लगातार नवाचार और कलाकारी पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि ये उत्पाद देशभर में अपनी अलग पहचान बना सकें।

दरअसल, कपड़े से बने बैग भारतीय संस्कृति से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। सदियों से हमारे देश में कपड़े और हैंडलूम से बने झोले व थैले उपयोग में लाए जाते रहे हैं। यह परंपरा न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और बुनकरों की आजीविका का भी आधार रही है। आज जब प्लास्टिक के दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं, तब ऐसे पारंपरिक और पर्यावरण-हितैषी बैगों का महत्व और भी बढ़ गया है।

रुचि महिला मंडल की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। स्टेशन पर इन बैगों की बढ़ती मांग इस बात का संकेत है कि अगर स्थानीय हुनर को सही मंच मिले तो वह देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकता है

Share

अन्य समाचार

img-20260307-wa0000

महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई माँ, बेटी के सुनहरे भविष्य की रखी मजबूत नींव

माँ का सपना हमेशा अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा होता है। जब किसी योजना से एक माँ को अपने बच्चे के सपनों को संवारने की ताकत मिलती है, तब वह योजना समाज में बदलाव की मिसाल बन जाती है। महतारी वंदन योजना ने ऐसी ही एक माँ के जीवन में उम्मीद, आत्मविश्वास और भविष्य की नई राह दिखाई है।


Read More...
mixcollage-06-mar-2026-08-26-am-6073

उड़ान ...दो अलग-अलग मंचों पर स्पीच थैरेपी विशेषज्ञ रजनी राठी का हुआ सम्मान

स्पीच थैरेपी विशेषज्ञ एवं स्पेशल एजुकेटर रजनी राठी को समाजसेवा और विशेष बच्चों के विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो अलग-अलग कार्यक्रमों में सम्मानित किया गया।


Read More...
img-20260228-070027

कलेक्टर की रात्रिकालीन जनचौपाल....संवाद से समाधान

ओडिशा की सीमा से घिरे जिले के अंतिम छोर पर बसे सांकरा गांव में बुधवार की रात प्रशासन की मौजूदगी ने नई उम्मीद जगा दी।


Read More...
exam-1734398955947-1740445869236

परीक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि एक अवसर है खुद को परखने और निखारने का

बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। बच्चों की घबराहट यह संकेत देती है कि परीक्षा का समय केवल ज्ञान की परीक्षा नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन की भी परीक्षा बन गया है


Read More...
img-20260215-wa0004

लायन्स क्लब ऑफ नांदगांव का निःशुल्क स्पीच थैरेपी शिविर सफलतापूर्वक संपन्न

शिविर में तुतलाहट, हकलाहट, उच्चारण दोष तथा सुनने-बोलने में कठिनाई से जूझ रहे बच्चों और उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


Read More...
img-20260210-064313

लायन्स क्लब ऑफ नांदगांव की अनुकरणीय पहल...निःशुल्क स्पीच थैरेपी एवं स्पेशल एजुकेशन जागरूकता एवं मार्गदर्शन शिविर

शिविर का उद्देश्य ऐसे बच्चों और उनके अभिभावकों को सही जानकारी, समय पर मार्गदर्शन और विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराना है, ताकि संवाद से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्रारंभिक स्तर पर ही किया जा सके।


Read More...
img-20260128-083304

रुचि महिला मंडल में 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और प्रेरणा के साथ संपन्न

देशभक्ति, आत्मसम्मान और महिला सशक्तिकरण की भावना से ओतप्रोत माहौल में रुचि महिला मंडल में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत धूमधाम और गरिमा के साथ मनाया गया


Read More...
img-20260121-wa0004

रायपुर साहित्य उत्सव–2026: छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना का राष्ट्रीय उत्सव

23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन


Read More...
img-20260115-120139

कठिन रास्तों, मौसम की चुनौतियों और शारीरिक थकान के बावजूद संकल्प अडिग ...पदयात्रा के 291वें दिन गुरुद्वारा बंदीछोड़ पातशाही 6 पहुंचे हरमेन्दर सिंह

गुरुद्वारा पहुंचने पर मुख्य ग्रंथी ज्ञानी नरिंदर सिंह ताज ने हरमेन्दर सिंह का पारंपरिक सम्मान करते हुए उन्हें सरोपा भेंट किया।


Read More...
img-20260114-wa0000

छत्तीसगढ़ के प्रथम रामसर साइट कोपरा जलाशय में पर्यावरण प्रहरी वीरेंद्र सिंह सम्मानित

वीरेंद्र सिंह द्वारा जल संरक्षण, जलाशयों के पुनर्जीवन और पक्षी संरक्षण के क्षेत्र में किए गए सतत प्रयासों को इस सम्मान के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।


Read More...