देवराम यादव: सारंगढ़ बिलाईगढ़, 27 जून 2026/सरसीवा के टाटा बिलासपुर गांव क़ो लोग अब राजकुमारी साहू के गांव के नाम से जानने लगेंगे।राजकुमारी ने अपनी संघर्ष और स्वावलंबन की एक ऐसी अमिट इबारत लिखी है। कभी रोजगार और बच्चों के बेहतर भविष्य की तलाश में अपनी सरजमीं छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर राजकुमारी, ने अपने ग्राम बिलासपुर में आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा गढ़ रही हैं। कल तक जो हाथ तंगहाली के आगे बेबस थे, आज वे 'बिहान' योजना की बदौलत न सिर्फ अपने परिवार की किस्मत बदल रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार दे रहे हैं।

*संघर्ष का दौर :  ​राजकुमारी साहू का शुरुआती जीवन किसी आम साधनहीन ग्रामीण महिला की तरह अभावों के साए में बीता। परिवार में आय का कोई स्थायी जरिया नहीं था। जब गाँव में उम्मीद की सारी खिड़कियाँ बंद नजर आने लगीं, तो रोजगार के लिए उन्हें अपने परिवार के साथ अन्य राज्यों की ओर रुख करना पड़ा। दूसरे प्रदेशों की तंग गलियों और कठिन परिस्थितियों में मजदूरी करते हुए उनके मन में हमेशा एक ही कसक रहती थी— "क्या कभी अपनी माटी में रहकर, अपने बच्चों के सामने सिर उठाकर जीने का मौका मिलेगा?"

*बिहान' का उजियारा और 'जय मां संतोषी' समूह का गठन: ​कहते हैं कि जब आपके भीतर कुछ कर गुजरने की तड़प हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। राजकुमारी के जीवन में यह रास्ता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने खोला। गाँव लौटने पर जब उन्हें महिला स्व- सहायता समूहों के बारे में पता चला, तो उनके भीतर सोया हुआ नेतृत्व गुण जाग उठा। उन्होंने ठान लिया कि वे अब खुद को और गाँव की दूसरी महिलाओं को लाचारी के दलदल से बाहर निकालेंगी।​शुरुआत बेहद चुनौतीपूर्ण थी। गाँव की झिझकती और आशंकित महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाना आसान नहीं था। राजकुमारी ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार बैठकें कीं, महिलाओं की झिझक को तोड़ा और आखिरकार 10 कर्मठ महिलाओं को साथ लेकर 'जय मां संतोषी महिला स्व-सहायता समूह' की नींव रखी। प्रति माह 100 रुपए की मामूली बचत से शुरू हुआ यह सफर, दरअसल उनके बड़े सपनों की पहली किस्त थी।

*​आइसक्रीम का साम्राज्य ​राजकुमारी की दूरदर्शिता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पलायन के दौरान मिले कड़वे अनुभवों को भी अपनी ताकत बना लिया: बाहर मजदूरी करते समय उन्होंने आइसक्रीम और कुल्फी बनाने की प्रक्रिया को बड़े ध्यान से देखा था। उन्होंने सोचा कि क्यों न इस हुनर को अपने गाँव में ही रोजगार का जरिया बनाया जाए। 'बिहान' योजना ने उनके इस अभिनव आइडिया पर भरोसा जताया और समूह के माध्यम से उन्हें 1 लाख 50 हज़ार रुपए का बैंक लोन तथा 60 हज़ार रुपए की सामुदायिक निवेश राशि स्वीकृत की गई। इस पूंजी से राजकुमारी ने स्थानीय बाजार से कच्चा माल खरीदा और अपने परिवार के सहयोग से घर पर ही मटका कुल्फी, तरह-तरह की आइसक्रीम और बादाम शेक जैसे लजीज उत्पाद तैयार करने लगीं।

शुद्धता और बेजोड़ स्वाद के कारण देखते ही देखते उनके उत्पादों की मांग बिलाईगढ़ और उसके आसपास के बाजारों में तेजी से बढ़ गई। ​ ​राजकुमारी साहू की मेहनत ने आज उनके उद्यम को एक सफल मुकाम पर पहुँचा दिया है, जिसकी बानगी इन आँकड़ों में साफ देखी जा सकती है। आज यह समूह और राजकुमारी साहू 1 से 3 लाख रुपए से अधिक की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। कल तक जो महिला अपनी दैनिक जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर थी, आज वह शान से 'लखपति दीदी' की कतार में खड़ी है।

*​गृहिणी से सफल उद्यमी का रोल मॉडल : राजकुमारी साहू आज सिर्फ एक सफल व्यावसायिक नाम नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण छत्तीसगढ़ के बदलते परिदृश्य का एक जीवंत प्रतीक हैं। आज वे खुद प्रशिक्षित होकर एक पेशेवर उद्यमी की भूमिका निभा रही हैं। वे न केवल अपने परिवार को आर्थिक संबल दे रही हैं, बल्कि अपने समूह की अन्य दीदियों को भी व्यवसाय के नए गुर सिखाकर उन्हें सशक्त बना रही हैं।

राजकुमारी साहू की यह प्रेरक दास्तान छत्तीसगढ़ की हर उस महिला को संबल देती है, जो विपरीत परिस्थितियों से लड़कर अपना आसमान खुद छूना चाहती है। उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि सही अवसर, प्रशासनिक सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति का संगम हो, तो ग्रामीण अंचल की एक साधारण गृहिणी भी अपने भाग्य की विधाता बन सकती है।

Share

अन्य समाचार

8b653e15-fbb1-495a-84fa-f7e80ac96359

निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम में 28 जून को मनेगी 629वीं कबीर जयंती

नेहरू नगर स्थित निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम में संत कबीरदास की 629वीं जयंती 28 जून, रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाई जाएगी


Read More...
img-20260624-083802

स्थापना दिवस विशेष.....11 वर्षों से उम्मीदों को पंख दे रहा सीआरसी राजनांदगांव: दिव्यांगजनों के जीवन में ला रहा सकारात्मक बदलाव

25 जून 2026 को अपनी स्थापना के 11 वर्ष पूर्ण करने जा रहा यह केंद्र आज छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन सशक्तिकरण का एक सशक्त स्तंभ बन चुका है।


Read More...
img-20260620-wa0003

स्वास्थ्य जागरूकता से पर्यावरण संरक्षण तक: सीआरसी राजनांदगांव का बहुआयामी आयोजन

कार्यक्रम का शुभारंभ सीआरसी राजनांदगांव की निदेशक महोदया द्वारा विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती पूजन के साथ किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अनिल चंद्र, शिशु रोग विशेषज्ञ, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव तथा डॉ. वंदना, जिला सूक्ष्मजीव विज्ञानी (माइक्रोबायोलॉजिस्ट), राजनांदगांव मुख्य संसाधन व्यक्तियों के रूप में उपस्थित रहीं।


Read More...
img-20260619-wa0007

नई सुबह : हिंसा के साये से शिक्षा की रोशनी तक... बेटियों की आँखों में पूरे होते अधूरे सपने

धीरेंद्र बबला साहू के जीवन में वह दौर भी आया जब माओवादी हिंसा ने उनके परिवार को गहरा घाव दिया। उनके पिता स्वर्गीय बबला साहू की असमय मृत्यु ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। एक ऐसा दर्द, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती। परिवार लंबे समय तक उस सदमे से उबरने की कोशिश करता रहा और भविष्य अनिश्चित दिखाई देने लगा था।


Read More...
img-20260616-wa0002

स्कूल रेडीनेस कार्यशाला में समावेशी शिक्षा पर जोर, 180 शिक्षक एवं BRPs हुए शामिल

कार्यक्रम में जिले के 180 शिक्षक एवं बीआरपी शामिल हुए। उन्हें CRC के विभिन्न विभागों का भ्रमण भी कराया गया, जहां संस्थान की सेवाओं एवं सुविधाओं से अवगत कराया गया। कार्यशाला का समन्वयन श्रीमती चुनमुन मोहंती ने किया


Read More...
c6339889-d8f9-4d4c-ba92-05c040e0d987

युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का अवसर, शासकीय पॉलिटेक्निक राजनांदगांव में प्रवेश प्रक्रिया 11 से 15 जून तक

विदित हो कि संस्था में मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट, कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग एंट्रेंस मेकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एवं इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी जैसी रोजगार उन्मुख तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित है ।


Read More...
1781012144-f46491b9e5ec978269fd

सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ : 42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरण

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए।


Read More...
img-20260610-wa0001

पर्यावरण संरक्षण के लिए जन्मदिन पर जंगल में 250 देसी आम के बीज फेंके

जंगल में प्राकृतिक फल वाले पेड़ कम होते जा रहे हैं। ऐसे में गुठली रोपण से 5-7 साल में फलदार वृक्षों से भर जाएगा। इससे पशु -पक्षियों को भोजन के लिए गांवों की ओर नहीं भटकना पड़ेगा।


Read More...
img-20260609-065707

राष्ट्रपति भवन से जंगलों तक गूंजी वीरता की गाथा, छत्तीसगढ़ के जांबाज अफसरों ने रचा शौर्य का नया इतिहास

राष्ट्रपति भवन में मिला यह शौर्य चक्र केवल दो अफसरों की बहादुरी का सम्मान नहीं है। यह उन अनगिनत जवानों के त्याग, साहस और समर्पण को नमन है, जो हर दिन देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवारों से दूर रहकर चुनौतियों का सामना करते हैं।


Read More...
20260608-191004

दृढ़ इच्छाशक्ति और समाजसेवा का भाव किसी भी महिला को नेतृत्व की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है...श्रीमती हेमा देशमुख की प्रेरक यात्रा

आज लगभग 25 वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहते हुए श्रीमती हेमा देशमुख वर्तमान में महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं।


Read More...