राजनांदगांव।राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPID), सिकंदराबाद के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन कंपोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी) राजनांदगांव में सोमवार को स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सीआरसी राजनांदगांव की निदेशक श्रीमती स्मिता महोबिया सहित समग्र शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं जिला शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती स्मिता महोबिया ने स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डालते हुए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयासों पर बल दिया। उपस्थित अधिकारियों एवं जिला समन्वयकों ने भी अपने उद्बोधन में समावेशी शिक्षा, समय पर पहचान एवं पुनर्वास सेवाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया तथा शिक्षकों और बीआरपी को बच्चों के सर्वेक्षण एवं सहायता कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला के दौरान PMDK विभाग के माध्यम से 10 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, टीएलएम किट, एलएस ब्रेस, नी ब्रेस, वॉकिंग एवं सीटिंग केन तथा वॉकिंग स्टिक सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसके अलावा अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। तकनीकी सत्र में डॉ. किशन लाल बैरवा ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सर्वेक्षण संबंधी उन्मुखीकरण प्रदान किया, वहीं श्री प्रशांत मेश्राम ने CRC राजनांदगांव द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिले के 180 शिक्षक एवं बीआरपी शामिल हुए। उन्हें CRC के विभिन्न विभागों का भ्रमण भी कराया गया, जहां संस्थान की सेवाओं एवं सुविधाओं से अवगत कराया गया। कार्यशाला का समन्वयन श्रीमती चुनमुन मोहंती ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में CRC के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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