- Post by Admin on Saturday, Jun 20, 2026
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राजनांदगांव : कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु समग्र क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी), राजनांदगांव द्वारा दिनांक 19 जून 2026 को विश्व सिकल सेल दिवस का आयोजन वैश्विक विषय “Closing the Survival Gap: Equality in Sickle Cell Care” (जीवन रक्षा की खाई को पाटना: सिकल सेल देखभाल में समानता) के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, प्रारंभिक जांच को प्रोत्साहित करना, समय पर निदान एवं उपचार सुनिश्चित करना तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीआरसी राजनांदगांव की निदेशक महोदया द्वारा विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती पूजन के साथ किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अनिल चंद्र, शिशु रोग विशेषज्ञ, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव तथा डॉ. वंदना, जिला सूक्ष्मजीव विज्ञानी (माइक्रोबायोलॉजिस्ट), राजनांदगांव मुख्य संसाधन व्यक्तियों के रूप में उपस्थित रहीं। उद्घाटन सत्र के पश्चात डॉ. अनिल चंद्र एवं डॉ. वंदना द्वारा सिकल सेल रोग पर एक ज्ञानवर्धक एवं अत्यंत संवादात्मक ऑडियो-विजुअल जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
प्रस्तुतीकरण, वीडियो एवं संवादात्मक चर्चाओं के माध्यम से उन्होंने सिकल सेल रोग के कारणों, लक्षणों, आनुवंशिक संचरण, रोकथाम के उपायों, जांच प्रक्रियाओं, निदान, उपलब्ध उपचार विकल्पों तथा प्रारंभिक पहचान एवं आनुवंशिक परामर्श के महत्व की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने समय पर जांच, जागरूकता एवं उचित स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के माध्यम से सिकल सेल रोग की रोकथाम में सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में शासकीय विद्यालय सुंदरा, शासकीय विद्यालय सोमनी, अशोका कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों, सीआरसी के लाभार्थियों तथा कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग 125 प्रतिभागियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम के प्रति समुदाय की रुचि एवं जागरूकता को दर्शाया। कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के रूप में घुमका ब्लॉक स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सिकल सेल स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया।
प्रयोगशाला तकनीशियनों एवं फार्मासिस्टों की समर्पित टीम द्वारा प्रतिभागियों की ऑन-साइट सिकल सेल जांच की गई। लगभग 125 व्यक्तियों की जांच की गई, जिससे उन्हें अपनी सिकल सेल स्थिति की जानकारी प्राप्त हुई तथा प्रभावित व्यक्तियों एवं वाहकों (Carriers) की प्रारंभिक पहचान संभव हो सकी, जिससे समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सके। जागरूकता सत्र के पश्चात श्रीमती चुनमुन मोहंती, प्रोस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट के मार्गदर्शन में पात्र लाभार्थियों हेतु सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर निदेशक, सीआरसी राजनांदगांव एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा एल.एस. ब्रेस, नी ब्रेस, वॉकिंग स्टिक तथा अन्य पुनर्वास सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना था।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती मुक्ता साहू, नर्स एवं कार्यक्रम समन्वयक, सीआरसी राजनांदगांव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विशिष्ट अतिथियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सहभागी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों, लाभार्थियों, प्रतिभागियों तथा सभी कर्मचारियों के प्रति कार्यक्रम को सफल बनाने में दिए गए सहयोग हेतु हार्दिक आभार व्यक्त किया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए तथा माननीय प्रधानमंत्री जी के राष्ट्रव्यापी अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” के समर्थन में, निदेशक, विशिष्ट अतिथियों एवं कर्मचारियों द्वारा सीआरसी परिसर में कदम (Neolamarckia cadamba) का पौधारोपण किया गया। यह गतिविधि जनस्वास्थ्य संवर्धन के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता का प्रतीक रही। कार्यक्रम सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस आयोजन ने सिकल सेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, स्वैच्छिक जांच को प्रोत्साहित करने, निवारक स्वास्थ्य व्यवहारों को बढ़ावा देने तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच के महत्व को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्व सिकल सेल दिवस 2026 का यह आयोजन स्वास्थ्य शिक्षा, निवारक जांच, पुनर्वास सहायता एवं पर्यावरण संरक्षण का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ तथा अपने सभी उद्देश्यों की सफलतापूर्वक पूर्ति करने में सफल रहा।
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