राजनांदगांव : कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु समग्र क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी), राजनांदगांव द्वारा दिनांक 19 जून 2026 को विश्व सिकल सेल दिवस का आयोजन वैश्विक विषय “Closing the Survival Gap: Equality in Sickle Cell Care” (जीवन रक्षा की खाई को पाटना: सिकल सेल देखभाल में समानता) के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, प्रारंभिक जांच को प्रोत्साहित करना, समय पर निदान एवं उपचार सुनिश्चित करना तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ सीआरसी राजनांदगांव की निदेशक महोदया द्वारा विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती पूजन के साथ किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अनिल चंद्र, शिशु रोग विशेषज्ञ, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव तथा डॉ. वंदना, जिला सूक्ष्मजीव विज्ञानी (माइक्रोबायोलॉजिस्ट), राजनांदगांव मुख्य संसाधन व्यक्तियों के रूप में उपस्थित रहीं। उद्घाटन सत्र के पश्चात डॉ. अनिल चंद्र एवं डॉ. वंदना द्वारा सिकल सेल रोग पर एक ज्ञानवर्धक एवं अत्यंत संवादात्मक ऑडियो-विजुअल जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।

प्रस्तुतीकरण, वीडियो एवं संवादात्मक चर्चाओं के माध्यम से उन्होंने सिकल सेल रोग के कारणों, लक्षणों, आनुवंशिक संचरण, रोकथाम के उपायों, जांच प्रक्रियाओं, निदान, उपलब्ध उपचार विकल्पों तथा प्रारंभिक पहचान एवं आनुवंशिक परामर्श के महत्व की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने समय पर जांच, जागरूकता एवं उचित स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के माध्यम से सिकल सेल रोग की रोकथाम में सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में शासकीय विद्यालय सुंदरा, शासकीय विद्यालय सोमनी, अशोका कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों, सीआरसी के लाभार्थियों तथा कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग 125 प्रतिभागियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम के प्रति समुदाय की रुचि एवं जागरूकता को दर्शाया। कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के रूप में घुमका ब्लॉक स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सिकल सेल स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया।

प्रयोगशाला तकनीशियनों एवं फार्मासिस्टों की समर्पित टीम द्वारा प्रतिभागियों की ऑन-साइट सिकल सेल जांच की गई। लगभग 125 व्यक्तियों की जांच की गई, जिससे उन्हें अपनी सिकल सेल स्थिति की जानकारी प्राप्त हुई तथा प्रभावित व्यक्तियों एवं वाहकों (Carriers) की प्रारंभिक पहचान संभव हो सकी, जिससे समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सके। जागरूकता सत्र के पश्चात श्रीमती चुनमुन मोहंती, प्रोस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट के मार्गदर्शन में पात्र लाभार्थियों हेतु सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर निदेशक, सीआरसी राजनांदगांव एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा एल.एस. ब्रेस, नी ब्रेस, वॉकिंग स्टिक तथा अन्य पुनर्वास सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना था।

कार्यक्रम के अंत में श्रीमती मुक्ता साहू, नर्स एवं कार्यक्रम समन्वयक, सीआरसी राजनांदगांव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विशिष्ट अतिथियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सहभागी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों, लाभार्थियों, प्रतिभागियों तथा सभी कर्मचारियों के प्रति कार्यक्रम को सफल बनाने में दिए गए सहयोग हेतु हार्दिक आभार व्यक्त किया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए तथा माननीय प्रधानमंत्री जी के राष्ट्रव्यापी अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” के समर्थन में, निदेशक, विशिष्ट अतिथियों एवं कर्मचारियों द्वारा सीआरसी परिसर में कदम (Neolamarckia cadamba) का पौधारोपण किया गया। यह गतिविधि जनस्वास्थ्य संवर्धन के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता का प्रतीक रही। कार्यक्रम सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

इस आयोजन ने सिकल सेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, स्वैच्छिक जांच को प्रोत्साहित करने, निवारक स्वास्थ्य व्यवहारों को बढ़ावा देने तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच के महत्व को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्व सिकल सेल दिवस 2026 का यह आयोजन स्वास्थ्य शिक्षा, निवारक जांच, पुनर्वास सहायता एवं पर्यावरण संरक्षण का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ तथा अपने सभी उद्देश्यों की सफलतापूर्वक पूर्ति करने में सफल रहा।

Share

अन्य समाचार

img-20260619-wa0007

नई सुबह : हिंसा के साये से शिक्षा की रोशनी तक... बेटियों की आँखों में पूरे होते अधूरे सपने

धीरेंद्र बबला साहू के जीवन में वह दौर भी आया जब माओवादी हिंसा ने उनके परिवार को गहरा घाव दिया। उनके पिता स्वर्गीय बबला साहू की असमय मृत्यु ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। एक ऐसा दर्द, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती। परिवार लंबे समय तक उस सदमे से उबरने की कोशिश करता रहा और भविष्य अनिश्चित दिखाई देने लगा था।


Read More...
img-20260616-wa0002

स्कूल रेडीनेस कार्यशाला में समावेशी शिक्षा पर जोर, 180 शिक्षक एवं BRPs हुए शामिल

कार्यक्रम में जिले के 180 शिक्षक एवं बीआरपी शामिल हुए। उन्हें CRC के विभिन्न विभागों का भ्रमण भी कराया गया, जहां संस्थान की सेवाओं एवं सुविधाओं से अवगत कराया गया। कार्यशाला का समन्वयन श्रीमती चुनमुन मोहंती ने किया


Read More...
c6339889-d8f9-4d4c-ba92-05c040e0d987

युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का अवसर, शासकीय पॉलिटेक्निक राजनांदगांव में प्रवेश प्रक्रिया 11 से 15 जून तक

विदित हो कि संस्था में मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट, कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग एंट्रेंस मेकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एवं इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी जैसी रोजगार उन्मुख तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित है ।


Read More...
1781012144-f46491b9e5ec978269fd

सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ : 42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरण

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए।


Read More...
img-20260610-wa0001

पर्यावरण संरक्षण के लिए जन्मदिन पर जंगल में 250 देसी आम के बीज फेंके

जंगल में प्राकृतिक फल वाले पेड़ कम होते जा रहे हैं। ऐसे में गुठली रोपण से 5-7 साल में फलदार वृक्षों से भर जाएगा। इससे पशु -पक्षियों को भोजन के लिए गांवों की ओर नहीं भटकना पड़ेगा।


Read More...
img-20260609-065707

राष्ट्रपति भवन से जंगलों तक गूंजी वीरता की गाथा, छत्तीसगढ़ के जांबाज अफसरों ने रचा शौर्य का नया इतिहास

राष्ट्रपति भवन में मिला यह शौर्य चक्र केवल दो अफसरों की बहादुरी का सम्मान नहीं है। यह उन अनगिनत जवानों के त्याग, साहस और समर्पण को नमन है, जो हर दिन देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवारों से दूर रहकर चुनौतियों का सामना करते हैं।


Read More...
20260608-191004

दृढ़ इच्छाशक्ति और समाजसेवा का भाव किसी भी महिला को नेतृत्व की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है...श्रीमती हेमा देशमुख की प्रेरक यात्रा

आज लगभग 25 वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहते हुए श्रीमती हेमा देशमुख वर्तमान में महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं।


Read More...
img-20260603-wa0015

दूरदर्शन केंद्र में हुए संवाद कार्यक्रम...मुख्यमंत्री ने की ड्रोन दीदी शांति विश्वकर्मा की सराहना

कार्यक्रम में ड्रोन दीदियों की उपलब्धियों ने यह संदेश दिया कि अवसर और संकल्प मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।


Read More...
c4184689-aa86-485c-862a-8c0d5d53e67a

पद्म पुरस्कार की राह पर जनजातीय प्रतिभाएं: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 5 जून तक आमंत्रित किए जा रहे नामांकन

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जनजातीय समुदाय के उन योग्य और प्रेरणादायक व्यक्तियों की पहचान एवं नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जो पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र हैं।


Read More...
fb-img-1780194015655

विशेष शिक्षा के क्षेत्र में सुनहरा अवसर: समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सी.आर.सी) ठाकुरटोला में प्रवेश प्रारंभ

समेकित क्षेत्रीय केंद्र ठाकुरटोला, राजनांदगांव में पुनर्वास परिषद इंडिया (आर.सी.आई.), नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त दो वर्षीय पूर्णकालिक डिप्लोमा इन एजुकेशन स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.डी.) पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम बौद्धिक एवं विकासात्मक विकलांगता के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करता है तथा विद्यार्थियों को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाता है।


Read More...