- Post by Admin on Tuesday, Jun 02, 2026
- 160 Viewed
![]()
गोपी साहू : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में वर्ष 2026 के पहले पद्म पुरस्कार प्रदान किए। केंद्र सरकार ने 25 जनवरी को 131 पद्म पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की थी। पहले चरण में देश की 66 हस्तियों को सम्मानित किया गया, जबकि बाकी विजेताओं को दूसरे चरण में पुरस्कार दिए जाएंगे।
पहले चरण में 66 हस्तियों को मिला सम्मान राष्ट्रपति मुर्मु ने पहले चरण में 2 पद्म विभूषण, 6 पद्म भूषण और 58 पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किए। पद्म भूषण से सम्मानित होने वालों में अभिनेता आर माधवन, क्रिकेटर रोहित शर्मा, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया और पैरा एथलीट प्रवीण कुमार शामिल रहे।
19 महिलाएं और 16 मरणोपरांत सम्मान इस वर्ष पद्म पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं शामिल हैं। वहीं, 16 हस्तियों को मरणोपरांत सम्मान दिया गया। दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज केटी थॉमस समेत 5 हस्तियों को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
113 हस्तियों को मिला पद्मश्री सम्मान वहीं, मशहूर गायिका अल्का याग्निक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन समेत 13 हस्तियों को पद्म भूषण पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा अभिनेता आर माधवन, रोहित शर्मा और सविता पूनिया समेत 113 हस्तियों को पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया
हेमा मालिनी ने ग्रहण किया धर्मेंद्र का पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया। उनकी पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति भवन में यह पुरस्कार ग्रहण किया।
बिहार के विश्व बंधु के परिवार ने जताई खुशी पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित बिहार के विश्व बंधु (मरणोपरांत) की पत्नी इंदु देवी ने कहा कि सरकार का तहे दिल से शुक्रिया, जिसने उनके कार्यों को मान्यता दी। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस सम्मान पर गर्व महसूस कर रहा है और उनकी आंखों में खुशी के आंसू हैं।
कार्यक्रम में कई दिग्गज रहे मौजूद समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अन्य समाचार
समय बदला, परिस्थितियाँ बदलीं, लेकिन सेवा और समर्पण की भावना आज भी वैसी ही अडिग है...हजारों लोगों को निःशुल्क श्रीमद्भगवत गीता वितरित कर सकारात्मक बदलाव लाने वाले सुमित जी
कहते हैं कि “एक पेन और एक व्यक्ति पूरी दुनिया बदल सकता है”, और यह पंक्ति सुमित गुप्ता पर बिल्कुल सटीक बैठती है। अब तक वे हजारों लोगों को निःशुल्क श्रीमद्भगवत गीता वितरित कर चुके हैं।
Read More...
जब बालकनी बन जाए बच्चों की पहली प्रकृति पाठशाला
जैविक बागवानी बच्चों को यह समझने का अवसर देती है कि भोजन आखिर उगता कैसे है। मिट्टी में खाद मिलाना, पौधों को पानी देना और धूप की जरूरत को समझना उन्हें प्रकृति के संतुलन से परिचित कराता है।
Read More...
सागर शिंदे जैसे अग्निशमनकर्मी हमें याद दिलाते हैं कि असली हीरो फिल्मों में नहीं, बल्कि उन वर्दियों में होते हैं जो हर आपदा में सबसे पहले पहुंचती हैं
घने धुएं और तेज लपटों के बीच अग्निशमन विभाग के स्टेशन अधिकारी सागर शिंदे अपनी टीम के साथ अंदर पहुंचे। हर सेकंड जानलेवा था, फिर भी उनके कदम पीछे नहीं हटे। बाजार के भीतर कपड़ों और सामान का भारी भंडार आग को और भयावह बना रहा था।
Read More...
जब गांव ने बदल दी अपनी तकदीर: महाराष्ट्र का निवाजे बना हरित क्रांति की मिसाल
पिछले एक दशक में लगभग 350 परिवारों वाले इस गांव ने अपनी जीवनशैली बदलकर कार्बन उत्सर्जन को काफी कम कर दिया है। ग्रामीण अब रासायनिक खादों का उपयोग नहीं करते, बल्कि बायोगैस से निकलने वाली स्लरी को जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
Read More...
Untold stories of inspirational personalities : नेशनल स्पीच पैथोलॉजिस्ट डे : उन लोगों के नाम जो आवाज़ को पहचान देते हैं
हर वर्ष 18 मई को मनाया जाने वाला नेशनल स्पीच पैथोलॉजिस्ट डे उन विशेषज्ञों को सम्मान देने का अवसर है, जो लोगों की आवाज़, भाषा और आत्मविश्वास को नई पहचान देते हैं।
Read More...
भारत का ‘ट्विन्स विलेज’: एक ऐसा गांव, जहां हर चेहरा किसी दूसरे का प्रतिबिंब लगता है
करीब दो हजार परिवारों वाले इस गांव में सैकड़ों जुड़वां बच्चों के जोड़े मौजूद हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सिलसिला वर्षों से लगातार जारी है। हर साल यहां फिर नए जुड़वां बच्चों का जन्म होता है, मानो इस मिट्टी में कोई अनदेखा रहस्य छिपा हो। वैज्ञानिकों ने पानी, खानपान, पर्यावरण और आनुवंशिक कारणों तक का अध्ययन किया, लेकिन अब तक कोई भी सिद्धांत इस रहस्य का पूरी तरह उत्तर नहीं दे पाया।
Read More...
डफली, जुनून और 500 सीड बॉल…गुलमोहर-अमलतास के बीजों से लिखी जा रही हरियाली की नई कहानी
वीरेंद्र सिंह और उनके साथियों का मानना है कि सिर्फ सरकार के भरोसे पर्यावरण नहीं बचाया जा सकता। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। इसी सोच के साथ उन्होंने लोगों से आम खाने के बाद उसके बीजों को फेंकने की बजाय जंगलों या खाली जमीनों में डालने की अपील की
Read More...
कौन हैं IPS बी. सुमति? महिला सुरक्षा का सच जानने के लिए आधी रात को अकेले किया अंडरकवर ऑपरेशन, हर तरफ हो रही चर्चा
Who is IPS B. Sumathi: हैदराबाद की मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर IPS बी. सुमति का अंडरकवर ऑपरेशन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. आधी रात सलवार-सूट पहनकर बस स्टॉप पर पहुंचीं महिला अधिकारी ने महिलाओं की सुरक्षा की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की
Read More...
बेहतर पुलिसिंग का जीवंत उदाहरण: जब एक इशारे ने बचा ली देश की प्रेरणा...सतर्कता से सुरक्षित हुई पद्मश्री फुलबासन बाई यादव
फुलबासन बाई यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महिला सशक्तिकरण की एक जीवंत पहचान हैं। अत्यंत साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने हजारों महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वावलंबन की रोशनी जगाई।
Read More...
किसी समस्या को समझने और बदलने की सच्ची इच्छा हो, तो एक साधारण इंसान भी करोड़ों लोगों के जीवन में क्रांति ला सकता है...मासिक धर्म की चुप्पी तोड़ने वाले अरुणाचलम मुरुगनाथम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित
जिस विषय पर समाज खुलकर बात करने से कतराता था, उसी मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर अरुणाचलम मुरुगनाथम ने ऐसा साहसिक कदम उठाया कि आज उनका नाम 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। यह केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है जो समाज की चुप्पी को चुनौती देने का साहस रखती है।
Read More...