मुख्य समाचार
यमुना प्राधिकरण को सौंपा ज्ञापन, IAS अधिकारी ने बताया ऐतिहासिक पहल
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सीआरसी राजनांदगांव में जन्माष्टमी की धूम, दिव्यांग लाभार्थियों संग मना उत्सव
कंपोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी), राजनांदगांव में जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही उल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर केंद्र में विशेष आवश्यकता वाले लाभार्थियों, उनके अभिभावकों और स्टाफ सदस्यों की सक्रिय सहभागिता के बीच कई रोचक एवं समावेशी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
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गणपति बप्पा को जगाने वाला हाथ: रामपुर के मूर्तिकार मनोज सोनी
इस गणेशोत्सव पर रामपुर एक बार फिर उस कलाकार की साधना का साक्षी बनेगा, जिसने मिट्टी को सिर्फ आकार नहीं, आत्मा दी है और एक साधारण गांव को कला व आस्था के संगम में बदल दिया है।
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राज्य
7 दिन, 4 कोशिशों के बावजूद नहीं हिली 8 फुट की हनुमान प्रतिमा, अब IIT वैज्ञानिकों के भरोसे पहुंची जांच.
ujjain-khade-hanuman : मध्य प्रदेश के उज्जैन में खड़े हनुमान की मूर्ति को 4 दिन बाद भी टस से मस नहीं किया जा सका है. अब ASI को लगाया गया है, ताकि ये पता लग सके कि प्रतिमा कितनी पुरानी है और आखिर से कैसे हटाया जा सकता है.
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खुशी पाने का सबसे आसान रास्ता है, किसी और के चेहरे पर मुस्कान लाना...कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो टूटकर भी दूसरों को जोड़ने में लग जाते हैं...रजनी वरवानी उन्हीं में से एक हैं
एक सशक्त महिला का पर्याय हैं रजनी वरवानी अगर उनके बचपन से लेकर अब तक के जीवन और कार्यों को एक शब्द में वर्णित किया जाए तो वह शब्द होगा "संघर्ष और सेवा"।
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देश-विदेश
ओस्लो में गूंजा “जय जोहार”, NACHA Nordic Chapter ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
NACHA Nordic Chapter के सदस्यों ने बताया कि संस्था लगातार विदेशों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी जी के स्वागत के दौरान “जय जोहार” के साथ की गई यह प्रस्तुति छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का एक विशेष प्रयास था।
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सुमात्रा का जंगल: 13 साल का इंतजार, फिर मिला वो 'जादुई' फूल, जिसे देखकर भावुक हो गया रिसर्चर
Septian Andriki Viral Video: सुमात्रा (इंडोनेशिया) के घने वर्षावन में जब एक बायोलॉजिस्ट ने 13 साल बाद दुनिया के सबसे दुर्लभ फूल को पहली बार खिलते देखा गया, तो वह फूट-फूटकर रोने लगे। उनका यह दुर्लभ मोमेंट जब सोशल मीडिया पर सामने आया, तो लोग भी उसे देखकर भावुक हो गए।
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खेल
महज दो महीने की मेहनत, कोच हीरु साहू की सटीक तराश… आधुनिक ओलंपिक धनुष से अर्पिता वर्मा बनीं राष्ट्रीय चैंपियन
महज दो महीने के अभ्यास में अनुभवी तीरंदाजी प्रशिक्षक हीरु साहू के मार्गदर्शन में अर्पिता ने ऐसी सफलता हासिल की, जिसने पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया
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तीरंदाजी के जरिए गांवों से निकलेंगे प्रतिभावान खिलाड़ी...कोच हीरु साहू के मार्गदर्शन में निखरेंगी ग्रामीण अंचल की तीरंदाजी प्रतिभाएं
अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक रिकर्व एवं कंपाउंड जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपकरणों से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। तीरंदाजी केवल एक खेल नहीं बल्कि एक ऐसी विधा है जो एकाग्रता, अनुशासन, आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का विकास करती है। यही गुण जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का आधार बनते हैं।
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मनोरंजन
संस्कारधानी में गूंजी लोक कथा भरथरी की धुन, पप्पू कलिहारी की प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
कार्यक्रम के दौरान खुमान साव संगीत अकादमी के संस्थापक गोविंद साव और संरक्षक मुरली शरण दास वैष्णव की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ाया
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चलो भीग लें इस बरसात में फिर से, कुछ दर्द धो दें, कुछ सपने बो दें
हर बूँद में कोई कहानी बहती है, कभी प्रेम की, कभी तन्हाई की
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विविधा
हे मानव मुझे मत मार...
हे मानव तू अपना भूख शांत कर पर मुझे जान से मत मार ! मुझे भी दर्द होता है मुझमें भी जान बसती है ...
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सावन का महीना...कोई प्रियजन दूर हो तो उसकी याद और गहरी हो जाती है, और जो पास हों उनके साथ का हर पल और अनमोल लगने लगता है
गांव की गलियों में बच्चे भीगते हुए दौड़ लगाते हैं, कागज की नावें बनाकर नालियों में तैराते हैं। पेड़ों की डालियों पर झूले पड़ जाते हैं और युवतियां "सावन के झूले" गाते हुए झूला झूलती हैं।
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बिजनेस /कारोबार
पीएम सूर्य घर योजना की रोशनी से रोशन हुआ घर, बिजली बिल हुआ शून्य
सौर ऊर्जा से बिजली खर्च में बचत के साथ अतिरिक्त आमदनी भी कर रहे लोकनाथ साव
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बढ़ती महंगाई के दौर में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ते कदम : राजनांदगांव के आमीन मोटर्स में बढ़ी ई-रिक्शा की मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एक सामान्य ई-रिक्शा प्रतिदिन 80 से 120 किलोमीटर तक चल सकता है और इसकी चार्जिंग लागत पारंपरिक ईंधन की तुलना में बेहद कम होती है
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