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मुख्य समाचार

हाथ में स्टेथोस्कोप, दिल में इंसानियत और आंखों में हर जिंदगी बचाने का सपना...डॉक्टर विजय ठाकुर की प्रेरक कहानी

तुलसी क्लिनिक से हजारों जिंदगी में भरोसा, करुणा और उम्मीद जगाने वाले चिकित्सक डॉक्टर विजय ठाकुर

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छत्तीसगढ़

कांदुल: जहाँ इंसानियत की मिसाल बनकर उभरा एक गाँव

सुबह की पहली किरण के साथ जब गाँव के लोग अपने खेतों की ओर निकलते हैं, तो एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराना, हाल-चाल पूछना और ज़रूरत पड़ने पर बिना कहे मदद के लिए हाथ बढ़ा देना यही कांदुल की असली पहचान है।


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लोक कलाओं के संरक्षण और कलाकारों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में संस्कृति विभाग की महत्वपूर्ण पहल...चयनित कलाकारों को मिलेंगे प्रोत्साहन राशि

प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर "मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026" स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।


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राज्य

खुशी पाने का सबसे आसान रास्ता है, किसी और के चेहरे पर मुस्कान लाना...कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो टूटकर भी दूसरों को जोड़ने में लग जाते हैं...रजनी वरवानी उन्हीं में से एक हैं

एक सशक्त महिला का पर्याय हैं रजनी वरवानी अगर उनके बचपन से लेकर अब तक के जीवन और कार्यों को एक शब्द में वर्णित किया जाए तो वह शब्द होगा "संघर्ष और सेवा"।


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देश-विदेश

ओस्लो में गूंजा “जय जोहार”, NACHA Nordic Chapter ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

NACHA Nordic Chapter के सदस्यों ने बताया कि संस्था लगातार विदेशों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी जी के स्वागत के दौरान “जय जोहार” के साथ की गई यह प्रस्तुति छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का एक विशेष प्रयास था।


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सुमात्रा का जंगल: 13 साल का इंतजार, फिर मिला वो 'जादुई' फूल, जिसे देखकर भावुक हो गया रिसर्चर

Septian Andriki Viral Video: सुमात्रा (इंडोनेशिया) के घने वर्षावन में जब एक बायोलॉजिस्ट ने 13 साल बाद दुनिया के सबसे दुर्लभ फूल को पहली बार खिलते देखा गया, तो वह फूट-फूटकर रोने लगे। उनका यह दुर्लभ मोमेंट जब सोशल मीडिया पर सामने आया, तो लोग भी उसे देखकर भावुक हो गए।


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खेल

महज दो महीने की मेहनत, कोच हीरु साहू की सटीक तराश… आधुनिक ओलंपिक धनुष से अर्पिता वर्मा बनीं राष्ट्रीय चैंपियन

महज दो महीने के अभ्यास में अनुभवी तीरंदाजी प्रशिक्षक हीरु साहू के मार्गदर्शन में अर्पिता ने ऐसी सफलता हासिल की, जिसने पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया


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तीरंदाजी के जरिए गांवों से निकलेंगे प्रतिभावान खिलाड़ी...कोच हीरु साहू के मार्गदर्शन में निखरेंगी ग्रामीण अंचल की तीरंदाजी प्रतिभाएं

अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक रिकर्व एवं कंपाउंड जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपकरणों से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। तीरंदाजी केवल एक खेल नहीं बल्कि एक ऐसी विधा है जो एकाग्रता, अनुशासन, आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का विकास करती है। यही गुण जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का आधार बनते हैं।


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मनोरंजन

संस्कारधानी में गूंजी लोक कथा भरथरी की धुन, पप्पू कलिहारी की प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

कार्यक्रम के दौरान खुमान साव संगीत अकादमी के संस्थापक गोविंद साव और संरक्षक मुरली शरण दास वैष्णव की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ाया


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चलो भीग लें इस बरसात में फिर से, कुछ दर्द धो दें, कुछ सपने बो दें

हर बूँद में कोई कहानी बहती है, कभी प्रेम की, कभी तन्हाई की


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विविधा

छत्तीसगढ़ी लोकजीवन के रंग समेटे हैं चंपेश्वर गोस्वामी के गीत

जन्म से मृत्यु तक मानव जीवन के हर पड़ाव पर गीत साथ चलते हैं लोरी से लेकर विवाह के मंगलगीत तक। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गीतकार चंपेश्वर गोस्वामी के गीतों में इसी लोकजीवन की विविधता और गहराई देखने को मिलती है।


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ग्रामीण संस्कृति पर संदर्भित चार पुस्तकों का विमोचन

इन पुस्तकों में ग्रामीण पृष्ठभूमि पर केंद्रित छत्तीसगढ़ी उपन्यास "बड़े दाऊजी"लेखक डॉ.डी.पी.देशमुख,"सोनहा माटी"डॉ.दीनदयाल साहू कृत एवं डॉ.गिरधर चंद्रा द्वारा लिखित दो हिंदी काव्य संग्रह "अंतर्मन का शब्द"व " भावों की अभिव्यक्ति" शामिल है।


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बिजनेस /कारोबार

बढ़ती महंगाई के दौर में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ते कदम : राजनांदगांव के आमीन मोटर्स में बढ़ी ई-रिक्शा की मांग

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एक सामान्य ई-रिक्शा प्रतिदिन 80 से 120 किलोमीटर तक चल सकता है और इसकी चार्जिंग लागत पारंपरिक ईंधन की तुलना में बेहद कम होती है


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कंफर्ट जोन से बाहर निकलने की जिद ने दिलाई अलग पहचान...युवा उद्यमी शरद सोनी बने युवाओं के लिए प्रेरणा

आज शरद मोटर्स केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। जिले के कई युवा उन्हें देखकर स्वरोजगार और व्यवसाय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेते हैं। शरद सोनी का मानना है कि सफलता पाने के लिए बड़ा सपना देखना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है उस सपने के लिए लगातार मेहनत करना।


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